Comments on: फर्स्ट नेशन्स – ब्रिटिश कोलम्बिया के मूल निवासियों को जानें https://inditales.com/hindi/british-columbia-adivasi-first-nations/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Thu, 27 Feb 2020 13:44:41 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.4 By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/british-columbia-adivasi-first-nations/#comment-589 Thu, 27 Feb 2020 13:44:41 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1696#comment-589 In reply to प्रदीप खोपकर.

धन्यवाद प्रदीप जी, विश्व भर में जहाँ भी जाएँ, आदिवासी सभ्यता में एक समानता दिखाई देती है, यह संयोग भी हो सकता है पर लगता नहीं ऐसा है।

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By: प्रदीप खोपकर https://inditales.com/hindi/british-columbia-adivasi-first-nations/#comment-587 Sun, 23 Feb 2020 05:19:12 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1696#comment-587 अनुराधाजी, फर्स्ट नेशन्स-ब्रिटिश कोलम्बिया के मूल आदिवासीयों के बारें बहुत ही विस्तृत जानकारी ….पढते हुए इन्ही के बीच पहुॅंचने का अहसास हुआ । इनके द्वारा बनाईं गईं कलाकृतियां बेहद सुंदर एवम् अनुठी है । अपने पूर्वजों को पर्वतो,नदियों , वनों में देख कर इनकी आराधना करना तथा प्रकृति से ली गई प्रत्येक वस्तु का उपयोग कर कोई भी वस्तु व्यर्थ न करना ,प्रकृति के प्रति इनके प्रेम और कर्तव्यबोध को दर्शाता है….वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हम सभी के लिये इनका यह एक महत्वपूर्ण एवम् सामयिक संदेश है ।सुंदर आलेख हेतू साधुवाद !

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/british-columbia-adivasi-first-nations/#comment-585 Fri, 21 Feb 2020 13:53:46 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1696#comment-585 In reply to Sanjay Jain.

संजय जी, अंत में हमें इन्ही मूल मन्त्रों को अपनाना होगा, जितना चाहिए उतना लो, जिससे लो उसका सम्मान करो।

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By: Sanjay Jain https://inditales.com/hindi/british-columbia-adivasi-first-nations/#comment-583 Fri, 21 Feb 2020 12:24:30 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1696#comment-583 फर्स्ट नेशन्स – ब्रिटिश कोलम्बिया के मूल निवासियों के जीवनयापन और उनके इतिहास पर वाकई आपने बहुत खूबसूरत तरीके एक अलग ही दुनिया की सैर करवा दी, यह मूल आदिवासी ही सही मायने में धरतीपुत्र है जो प्रकृति का बड़ी शिद्दत से ध्यान रखते हैं क्योंकि वह पूरा पेड़ नहीं काटते हैं जितना उन्हें चाहिए उतना ही लेते हैं और वह भी उसकी आज्ञा से जो हम नासमझ पर्यावरण प्रेमियों के लिए सीखने की बात है और उन लोगों की कलाकृतियां भी उतनी ही अद्वितीय है एक सुंदर दुनिया की सैर कराने के लिये धन्यवाद????????

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