पोबितोरा वन्यप्राणी अभयारण्य – भारतीय गेंडों का आवास

पोबितोरा वन्यप्राणी अभयारण्य: अनछुए रहस्यों से भरे असम के घास के मैदान

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जब चंचल वर्षा विनाश करने पर उद्धत हो जाती है, जिसके कारण जब असम जलमग्न हो जाता है, मैं असहाय सी, यहाँ के स्थानिकों की स्थिति पर विचार करने पर विवश हो जाती हूँ।...
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान - एक सींघ वाला गैंडा

एक सींग वाले भारतीय गैंडे का घर – काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम

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काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत के विश्व धरोहर के स्थलों में से एक है। यह उद्यान एक सींग वाले गैंडों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इसका क्षेत्रफल 400 वर्ग कि.मी. से भी अधिक व्यापक है।...
नामेरी राष्ट्रीय उद्यान में जिया भोरोली नदी

नामेरी राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य, असम – भारत के राष्ट्रीय उद्यान

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अरुणाचल प्रदेश जाते समय हमने नामेरी राष्ट्रीय उद्यान की पहली झलक देखी थी, लेकिन उस समय हम उसके दर्शन नहीं कर पाए थे। बाद में अरुणाचल से वापस आते समय जब हम रास्ते में...
गुवाहाटी - ब्रम्हपुत्र नदी पर सूर्यास्त

गुवाहाटी, असम – उत्तर पूर्वीय भारत का प्रवेश द्वार

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गुवाहाटी या गोहाटी वैसे तो कोई खास पर्यटक स्थल नहीं है। मुझे नहीं लगता कि ज्यादातर लोग यहां पर घूमने आते होंगे, सिवाय उन तीर्थयात्रियों के जो कामाख्या मंदिर के दर्शन करने आते हैं।...
कामख्या मंदिर शक्तिपीठ

गुवाहाटी का कामाख्या मंदिर – एक अनोखा शक्तिपीठ

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हिमालय पर्वत एवं तीन महासागरों के मध्य बसे, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से संपन्न भारत देश की पावन भूमि में देवी के अनेक शक्तिपीठ हैं। वस्तुतः, ये शक्तिपीठ सम्पूर्ण भारतीय महाद्वीप में फैले हुए...
रंग घर - शिवसागर, असम

शिवसागर या सिबसागर – असम में मंदिरों की नगरी

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दिखो नदी के किनारे पर, लगभग 380 कि.मी. गुवाहाटी के पूर्व में और जोरहाट के 60 कि.मी. पूर्व में एक छोटा पर अनोखा नगर, शिवसागर बसा हुआ है। इसे सिबसागर के नाम से भी...
मछली पकड़ने के जाल - माजुली

माजुली, असम – ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप

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माजुली विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है, जो चारों तरफ से महानदी ब्रह्मपुत्र से घिरा हुआ है। नदी के मध्य में बसा हुआ यह द्वीप बहुत ही रोचक है। लेकिन चिंता की बात...
असम चाय की ताज़ा पत्तियां

असम चाय के बागान – असम में घूमने की जगहें

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असम चाय के बागानों को लेकर मेरे मन में एक बहुत ही औपनिवेशिक छवि बसी हुई है। अंग्रेजों द्वारा संचालित चाय के उद्यान जिनमें बड़े-बड़े बंगलों में वे रहा करते थे। तथा वहीं पर...

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