जागेश्वर मंदिर परिसर

जागेश्वर धाम – कुमाऊं घाटी में बसे शिवालय

उत्तरांचल के जंगलों से भरपूर पहाड़ी पर जागेश्वर अथवा नागेश के रूप में शिवालय है जागेश्वर धाम। मैंने इससे पूर्व उत्तरांचल के कुमाऊं क्षेत्र...
५० के दशक में बना ऋषि कन्व का आश्रम - मालिनी के तीर पर

कण्वाश्रम – सम्राट भरत की जन्मस्थली उत्तराखंड में मालिनी के तीर पर

इंडिया, आमतौर पर इस नाम से संबोधित हमारा देश वस्तुतः भारत अथवा भारतवर्ष है। इस नाम का सम्बन्ध सम्राट भरत से है। क्या आप...
गोलू देवता मंदिर अल्मोड़ा

चितई गोलू देवता कुमाऊँ अल्मोड़ा के न्याय देवता

गोलू देवता को उत्तराखंड राज्य के कुमाऊँ अर्थात् कूर्मांचल क्षेत्र में न्याय का देवता माना जाता है। भारत में यह प्रथा है कि यहाँ के...
महर्षि महेश योगी और उनके सुप्रसिद्ध शिष्य

ऋषिकेश की ८४ कुटिया – महर्षि महेश योगी आश्रम के अवशेष

८४, यह अंक हिन्दू मान्यताओं के अनुसार एक महत्वपूर्ण अंक है। ऐसा माना जाता है कि इस धरती पर लगभग ८४ लाख प्रजातियाँ हैं।...
भीमताल झील - कुमाऊँ उत्तराखण्ड

कुमाऊँ घाटी की रहस्यमयी झीलें- भीमताल, सातताल, नौकुचिया ताल

उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में बसा नैनीताल, यात्रियों का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। हिमालय पर चमचमाते माणिक की तरह चमकता यह शहर देशी...
कनखल हरिद्वार

कनखल हरिद्वार की प्राचीन धरोहर – एक अप्रतिम अनुभव

कनखल कदाचित हरिद्वार का प्राचीनतम निवासित क्षेत्र है। यहाँ के मंदिरों एवं गंगा के घाटों पर अब भी शिव एवं सती की गाथाएँ जीवित...
चौली की जाली मुक्तेश्वर कुमाऊँ

मुक्तेश्वर धाम – कुमाऊँ पहाड़ों के न भूलने वाले दृश्य

उत्तरांचल को देवभूमि कहा जाता है। सच मानिये इसमें किंचित भी आतिशयोक्ति नहीं। कुमाऊं व गढ़वाल मंडलों में बंटी, हिमालय पर्वत श्रन्खलाओं से घिरी,...
दश महाविद्या मंदिर - कनखल हरिद्वार

हरिद्वार के दर्शनीय देवी मंदिर – शक्तिपीठ एवं सिद्धपीठ

हरिद्वार का नाम लेते ही आँखों के समक्ष हर की पौड़ी का दृश्य उभर कर आ जाता है। संध्या की आरती की जगमगाहट आँखों...
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान - उत्तराखण्ड

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान – चीला आरक्षित वन के वन्यजीवन का आनंद उठायें

मैंने अपने जीवन में अनेकों बार ऋषिकेश की यात्रा की है। हर बार राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का दर्शन किसी ना किसी कारणवश छूट जाता...
नंदा देवी डोली

नंदा देवी की राजजात यात्रा १२ वर्षों में एक बार हिमालय की और

ॐ हिमाद्रिका हिमांगिनी नगाधिराज वासिनी बिन्ध्य  नाम नंदजा नंदा कोट वासिनीम्। संस्कृतियों और परम्पराओं से सम्पन्न देवभूमि  उत्तराखंड की विरासत इतनी विशाल है कि उसे किसी...

सोशल मीडिया पर जुड़िये

149,899FansLike
6,729FollowersFollow
962FollowersFollow
29,289FollowersFollow
18,462SubscribersSubscribe

लोकप्रिय प्रविष्टियाँ