कुमाऊँ उत्तराखंड के लोकप्रिय स्वादिष्ट व्यंजन
उत्तराखंड राज्य अनेक प्रसिद्ध देवालयों से विभूषित होने के कारण गर्व से देवभूमि भी कहलाता है। उत्तराखंड की भूमि एवं उसके मंदिरों का समृद्ध...
कनखल हरिद्वार की प्राचीन धरोहर – एक अप्रतिम अनुभव
कनखल कदाचित हरिद्वार का प्राचीनतम निवासित क्षेत्र है। यहाँ के मंदिरों एवं गंगा के घाटों पर अब भी शिव एवं सती की गाथाएँ जीवित...
नंदा देवी की राजजात यात्रा १२ वर्षों में एक बार हिमालय की और
ॐ हिमाद्रिका हिमांगिनी नगाधिराज वासिनी
बिन्ध्य नाम नंदजा नंदा कोट वासिनीम्।
संस्कृतियों और परम्पराओं से सम्पन्न देवभूमि उत्तराखंड की विरासत इतनी विशाल है कि उसे किसी...
चितई गोलू देवता कुमाऊँ अल्मोड़ा के न्याय देवता
गोलू देवता को उत्तराखंड राज्य के कुमाऊँ अर्थात् कूर्मांचल क्षेत्र में न्याय का देवता माना जाता है।
भारत में यह प्रथा है कि यहाँ के...
ऋषिकेश की ८४ कुटिया – महर्षि महेश योगी आश्रम के अवशेष
८४, यह अंक हिन्दू मान्यताओं के अनुसार एक महत्वपूर्ण अंक है। ऐसा माना जाता है कि इस धरती पर लगभग ८४ लाख प्रजातियाँ हैं।...
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान – चीला आरक्षित वन के वन्यजीवन का आनंद उठायें
मैंने अपने जीवन में अनेकों बार ऋषिकेश की यात्रा की है। हर बार राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का दर्शन किसी ना किसी कारणवश छूट जाता...
जागेश्वर धाम – कुमाऊं घाटी में बसे शिवालय
उत्तरांचल के जंगलों से भरपूर पहाड़ी पर जागेश्वर अथवा नागेश के रूप में शिवालय है जागेश्वर धाम। मैंने इससे पूर्व उत्तरांचल के कुमाऊं क्षेत्र...
पाताल भुवनेश्वर : कुमाओं की भूमिगत गुहानगरी
भूमिगत गुहानगरी पाताल भुवनेश्वर! हिमालय की गोद में विराजमान है एक ऐसी भूमिगत नगरी जिसे देख आप अचंभित हो जाएंगे। वह नगरी है, पाताल...
कण्वाश्रम – सम्राट भरत की जन्मस्थली उत्तराखंड में मालिनी के तीर पर
इंडिया, आमतौर पर इस नाम से संबोधित हमारा देश वस्तुतः भारत अथवा भारतवर्ष है। इस नाम का सम्बन्ध सम्राट भरत से है। क्या आप...
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान
जंगल का राजा रॉयल बंगाल टाइगर या बंगाल बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध, हिमालय की तलहटी पर स्थित जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान को भारत...






















