गढ़वाल हिमालय का कानाताल, टिहरी सरोवर एवं बाँध
कानाताल उत्तराखंड में है जो भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय पर्वतीय राज्यों में से एक है। अप्रतिम मनोरम परिदृश्यों से ओतप्रोत यह राज्य दिव्य पर्वतराज हिमालय से रक्षित, भारतवर्ष की अनेक पावन नदियों से सिंचित,...
मुक्तेश्वर धाम – कुमाऊँ पहाड़ों के न भूलने वाले दृश्य
उत्तरांचल को देवभूमि कहा जाता है। सच मानिये इसमें किंचित भी आतिशयोक्ति नहीं। कुमाऊं व गढ़वाल मंडलों में बंटी, हिमालय पर्वत श्रन्खलाओं से घिरी, ये अप्रतिम घाटियों केवल देवों की भूमि, स्वर्ग ही हो...
कुमाऊँ घाटी की रहस्यमयी झीलें- भीमताल, सातताल, नौकुचिया ताल
उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में बसा नैनीताल, यात्रियों का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। हिमालय पर चमचमाते माणिक की तरह चमकता यह शहर देशी व विदेशी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है। हरे भरे...
बिनसर कुमाऊँ में वैभवशाली हिमालय के दर्शन
उत्तराखंड प्रदेश के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित झंडी धार पहाड़ियों के मध्य स्थित बिनसर, भव्य हिमालय पर्वत श्रंखला के अप्रतिम परिदृश्यों से परिपूर्ण है। बिनसर एक वन्य जीव अभ्यारण्य है। प्राचीनकाल में यह चन्द्र...
कुमाऊँ के मनमोहक पक्षी – उत्तराखंड में प्रकृति का आनंद
भारत के पर्वतीय राज्य उत्तराखंड को प्रकृति ने अनेक अद्भुत उपहारों से अलंकृत किया है। उनमें से एक है, इस प्रदेश के मनमोहक पक्षी। भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले पक्षियों की विविध प्रजातियों...
पाताल भुवनेश्वर : कुमाओं की भूमिगत गुहानगरी
भूमिगत गुहानगरी पाताल भुवनेश्वर! हिमालय की गोद में विराजमान है एक ऐसी भूमिगत नगरी जिसे देख आप अचंभित हो जाएंगे। वह नगरी है, पाताल भुवनेश्वर जिसका प्रवेश द्वार देवभूमि उत्तराखंड राज्य के कुमाओं क्षेत्र...
ऋषिकेश की ८४ कुटिया – महर्षि महेश योगी आश्रम के अवशेष
८४, यह अंक हिन्दू मान्यताओं के अनुसार एक महत्वपूर्ण अंक है। ऐसा माना जाता है कि इस धरती पर लगभग ८४ लाख प्रजातियाँ हैं। एक अन्य मान्यता के अनुसार जीवात्मा ८४ लाख योनियों में...



















