पंचक्रोशी यात्रा – काशी खंड का प्राचीन तीर्थ मार्ग
चार साल पहले वाराणसी के दौरे के समय मुझे पहले-पहल पंचक्रोशी यात्रा के बारे में पता चला। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के भारत कला भवन की दीवारों पे मैंने एक अनुपम नक्शा देखा था। इसके...
वाराणसी में क्या खरीदें – उपहार या स्मृति चिन्ह
जैसा कि आप जानते हैं, हर वर्ष लोग भारी मात्रा में वाराणसी की यात्रा करतें हैं। उनकी यात्रा का हेतु चाहे धार्मिक हो, या सार्वजनिक, या कुछ और, वे वाराणसी व यहाँ की विशेषताओं...
नैमिषारण्य – वेदों, पुराणों, सत्यनारायण कथा एवं ८८,००० ऋषियों की तपोभूमि
हम में से जिन्होने भी हिन्दू धर्मं ग्रन्थ पढ़े हों उनके समक्ष नैमिषारण्य, इस सुन्दर शब्द का उल्लेख कई बार आया होगा। नैमिषारण्य लखनऊ से लगभग ९० की.मी. दूर, सीतापुर जिले में गोमती नदी...
अयोध्या – राम और रामायण की नगरी एक यात्रा परिदार्शिका
अयोध्या नगरी की यात्रा करने की अभिलाषा मुझे कई वर्षों से थी। जहाँ भगवान् राम का जन्म हुआ, जहाँ महाकाव्य रामायण की शुरुवात हुई और जहाँ रामायण का समापन भी हुआ। जिसके बारे में...
द्रौपदी का जन्मस्थान – प्राचीन पांचाल देश की राजधानी कांपिल्य
https://youtu.be/rMdVU0H17V0
नीरा मिश्र ‘द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट’ की संस्थापक, अभिभावक एवं अध्यक्षा हैं। वे गत दो दशकों से सामाजिक व्यवसायी हैं तथा प्राचीन भारतीय धरोहरों को पुनर्जीवित करने के शुभकार्य में व्यस्त हैं। दिल्ली अर्थात् इंद्रप्रस्थ...
वाराणसी के तुलसी अखाड़े के पहलवानों की दिनचर्या
अखाड़ों के बारे में जानने की उत्सुकता मुझे हमेशा रही और कभी कोई अखाड़ा देख पाऊं यह इच्छा भी बहुत दिनों से थी। मेरी यह इच्छा पूर्ण हुई जब हाल ही की मेरी वाराणसी...
फिरोजाबाद – रंगबिरंगी कांच की चूड़ियों की सुहाग नगरी
फिरोजाबाद, इस नगरी के नाम का स्मरण सदैव से मेरे कानों में कांच की चूड़ियों की खनक उत्पन्न करता रहा है। सम्पूर्ण भारत में मैं किसी भी मेले अथवा बाजार में रंगबिरंगी चमचमाती कांच...
विंध्याचल मीरजापुर के निकट माँ विंध्यवासिनी का पर्वतीय आवास
विंध्यवासिनी देवी का सीधा साधा सा अर्थ है विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली देवी । विंध्याचल पर्वत श्रंखला भारत के सम्पूर्ण मध्य भाग में फैली हुई है। बिहार जैसे पूर्वी राज्यों से आरंभ...
चुनरी मनोरथ – मथुरा में यमुना जी का चुनरी ओढ़ना
श्री कृष्ण के काल को बहुधा इन तीन धरोहरों से जोड़ा जाता है, गोवर्धन पर्वत, ब्रज भूमि तथा यमुना नदी।
यमुना नदी का श्याम वर्ण जल कृष्ण के श्याम वर्ण के समान है। यमुना उनकी...
सांझी कला – ब्रज वृंदावन की पारंपरिक अलंकरण कला
सांझी कला सांस्कृतिक रूप से धनी, ब्रज में प्रचलित अनेक कला क्षेत्रों में से एक है।
भगवान कृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक पृष्ठभूमि होने के फलस्वरूप ब्रज प्राचीन काल से ही विभिन्न लोक शैलियों का महत्वपूर्ण...






















