वाराणसी में क्या खरीदें – उपहार या स्मृति चिन्ह
जैसा कि आप जानते हैं, हर वर्ष लोग भारी मात्रा में वाराणसी की यात्रा करतें हैं। उनकी यात्रा का हेतु चाहे धार्मिक हो, या सार्वजनिक, या कुछ और, वे वाराणसी व यहाँ की विशेषताओं...
नृसिंह जयंती कैसे मनाई जाती हैं ब्रज भूमि में
वैष्णव संप्रदाय के अंतर्गत चार मुख्य जयंती व्रत एवं उत्सवों को अत्यधिक मान्यता दी गई है। यह चार जयंती व्रत क्रमशः है जन्माष्टमी, वामन जयंती, राम नवमी और नृसिंह जयंती। वैष्णव संप्रदाय के सिद्धांत...
ब्रजवासी का मथुरा पेड़ा- उत्कृष्ट पाककृति की एक झलक
मथुरा पेड़ा! आपने नाम तो सुना ही होगा। वस्तुतः इसे खाया भी होगा। अतः मथुरा पेड़ा का नाम सुनकर मुँह में पानी आना स्वाभाविक है, है ना? ऐसी ही एक और स्वादिष्ट मिठाई है...
वृन्दावन के दर्शनीय स्थल – मंदिर, घाट व संग्रहालय
एक समय वृन्दावन केवल एक वन मात्र था। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ब्रज भूमि में कुल १२ वन थे। वृन्दावन उनमें से एक है। यमुना नदी के तीर स्थित इस वन में श्री कृष्ण...
चलिए मथुरा वृन्दावन में ब्रज की होली का आनंद लेने
होली का पर्व भारत का सर्वाधिक उल्हासपूर्ण पर्व है। इसी होली के आनंददायक पर्व का यदि आप कहीं पारंपरिक रूप से अनुभव लेना चाहते हैं तो वह स्थान है, ब्रज भूमि अथवा मथुरा वृन्दावन...
काशी की नवरात्रि नवदुर्गा यात्रा
नवदुर्गा यात्रा! स्कन्द पुराण के काशी खंड में लिखा है कि हमें नवरात्रि में नवदुर्गा यात्रा करनी चाहिए, विशेषतः शरद नवरात्रि में जो आश्विन मास में आती है। अतः, इस समय जब मैं काशी...
शिल्प संग्रहालय – ट्रैड फैसिलिटेशन सेंटर (पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल)
विश्व की प्राचीनतम जीवंत नगरी वाराणसी में जब से नवनिर्मित ट्रैड फैसिलिटेशन सेंटर का क्रियान्वय हुआ है, तब से वह प्रशंसा का विषय बना हुआ है। यहाँ तक कि हमने भी अपनी ‘यात्रा सम्मलेन’...
आगरा की धरोहर यात्रा में गलियां, खाना और हवेलियाँ
अगर आप पहली बार आगरा शब्द सुनेंगे तो आपके दिमाग में ताजमहल की छवि आएगी। इसमें आपका कोई दोष नहीं है। मेरी पूरी तरह से सहमति है कि वास्तव में ताजमहल इस शहर का...
द्रौपदी का जन्मस्थान – प्राचीन पांचाल देश की राजधानी कांपिल्य
https://youtu.be/rMdVU0H17V0
नीरा मिश्र ‘द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट’ की संस्थापक, अभिभावक एवं अध्यक्षा हैं। वे गत दो दशकों से सामाजिक व्यवसायी हैं तथा प्राचीन भारतीय धरोहरों को पुनर्जीवित करने के शुभकार्य में व्यस्त हैं। दिल्ली अर्थात् इंद्रप्रस्थ...
बिसरख – रावण का जन्मस्थान ग्रेटर नोएडा का प्राचीन गाँव
बिसरख, यह नाम ऋषि विश्रवा के नाम से व्युत्पत्त है। काल के साथ अपभ्रंशित होते हुए यह नाम बिसरख में परिवर्तित हो गया। ऋषि विश्रवा दशमुख रावण के पिता थे। कुछ सूत्रों के अनुसार...






















