बंगलुरु से मैसूर तक – कर्नाटक का रेशम पथ
बंगलुरु के रेशम पथ अथवा सिल्क रूट का आरम्भ बंगलुरु के प्रसिद्ध सिल्क बोर्ड जंक्शन से होता है। जी हाँ, यह वही सिल्क बोर्ड...
पश्चिमी घाटों में बसे कूर्ग के दर्शनीय स्थल
कर्णाटक में स्थित कूर्ग भारत के पश्चिमी घाटों की गोद में बसा एक अप्रतिम पर्वतीय पर्यटन स्थल है। कॉफी के अनेक बगीचे होने के...
मत्तूर – कर्नाटक के शिवमोग्गा का संस्कृत भाषी गाँव
जब से मैंने सुना कि मत्तूर गाँव का बच्चा बच्चा संस्कृत में वार्तालाप करता है, मैं इस गाँव को देखने के लिए आतुर थी।...
अवनी-कोलार का रामायणकालीन रामलिंगेश्वर मंदिर समूह
सम्पूर्ण दक्षिण भारत, विलक्षण वास्तुकला युक्त आकर्षक मंदिरों से परिपूर्ण है। अवनी का रामलिंगेश्वर मंदिर समूह भी ऐसे ही दर्शनीय एवं अद्भुत मंदिरों का...
बादामी, ऐहोले, पत्तदकल – एक कविता, एक प्रेरणा
जब आप पत्थरों पे कवि की कविता लिखी देखते हैं तो कभी कभी उस कविता का कथन इतना प्रभावशाली होता है की आप के...
धारवाड़ पेड़ा – कर्नाटक की प्रसिद्ध मिठाई
धारवाड़ कर्नाटक का एक ऐसा क्षेत्र है जो अनेक विशिष्टताओं से अलंकृत है। उनमें निर्विवाद सर्वप्रथम है, धारवाड़ की सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका, डॉ. गंगुबाई...
होयसलेश्वर मन्दिर – हैलेबिडु कर्नाटक स्थित अद्भुत होयसल धरोहर
कर्नाटक के बंगलुरु से लगभग २०० किलोमीटर दूर स्थित एक महत्वपूर्ण मंदिर नगरी है, हैलेबिडु। कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश...
श्री चामुंडेश्वरी मंदिर – चामुंडी पहाड़ी मैसूर के निकट
श्री चामुंडेश्वरी मंदिर आदि शंकराचार्यजी द्वारा बताये गए १८ शक्तिपीठों में से एक है। यह चामुंडी पहाड़ी पर स्थित है जो कर्णाटक के मैसूरू...
मूडबिद्री – कर्नाटक के उत्कृष्ट प्राचीन जैन मंदिर
आप सब ने कर्नाटक के श्रवनबेलगोला स्थित विशालकाय बाहुबली मूर्ति के सम्बन्ध में अवश्य सुना होगा। आप में से कुछ को इनके दर्शन का...
विभूति झरना, याना शिलाएं, मिर्जन दुर्ग- उत्तर कन्नड़ में सड़क यात्रा
उत्तर कन्नड़ भ्रमण के समय सिरसी से गोकर्ण की यात्रा करते हुए अधिकतर पर्यटक गोकर्ण के समुद्र तटों का आनंद उठाने हेतु इच्छुक रहते...






















