अष्टमुडी झील – केरल के विशाल जल सरोवर का भ्रमण
कन्याकुमारी और तिरुवनंतपुरम से वापस घर लौटते समय केरला के कोल्लम शहर के पास स्थित अष्टमुडी झील के किनारे बिताए गए पूरे दो दिन...
गुरुवायुर मंदिर – देवों के देस केरल में भगवान कृष्ण का वास
श्री विष्णु के अवतार, गुरुवायुरप्पन को समर्पित यह मंदिर दक्षिणी राज्य केरल के गुरुवायुर नगरी में स्थित है। इस नगरी के अत्यंत लोकप्रिय मंदिरों...
कलमेड्त्तुम पाट्टुम – केरल के मन्दिरों का एक मनमोहक अनुष्ठान
कलमेड्त्तुम पाट्टुम मेरी केरल यात्रा की एक अप्रत्याशित खोज थी। यह उस समय की बात है जब मैं ‘भारत में देवी पूजन’, इस विषय...
पदयनी – केरल में माँ भगवती को प्रसन्न करने का अनोखा अनुष्ठान
पदयनी केरल के देवी मंदिरों का एक अनुष्ठान है। पदयनी शब्द की व्युत्पत्ति पेदनी से हुई है जिसका अर्थ है, सेना अथवा सैन्य संरचना।...
सबरीमाला यात्रा निर्देशिका – अरविन्द सुब्रमण्यम
सबरीमाला, भारत के पश्चिमी घाटों के अंक में स्थित भगवान अयप्पा का धाम। केरल के पथानमथिट्टा जिले में स्थित सबरीमाला में भगवान अयप्पा का...
वडक्कन्नाथन मंदिर केरल के त्रिचूरपूरम का उत्कृष्ट शिव मंदिर
वडक्कन्नाथन मंदिर केरल के सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। यह मंदिर केरल के त्रिचूर में स्थित है जो इस राज्य...
कोची का चोट्टानिकारा देवी मंदिर जहां मानसिक विकारों से मुक्ति मिले
केरल भगवती अर्थात भद्रकाली की भूमि है। गत वर्ष मुझे भद्रकाली देवी के विषय में ज्ञात हुआ था जब मुझे पदयनी तथा कलमेड्तुम जैसे...
केरल की सर्प नौका दौड़ – अप्रवाही जल पर गति का तांडव
केरल की सर्प नौका दौड़ अर्थात स्नैक बोट रेस के विषय में मेरी प्रथम स्मृति मेरी पाठ्यक्रम पुस्तक से जुड़ी हुई है। मुझे स्मरण...
कलदी – केरल में आदिगुरूआदि शंकराचार्य की जन्म स्थली
कलदी, इस स्थान के विषय में मुझे सर्वप्रथम जानकारी तब प्राप्त हुई थी जब मैं आदि शंकराचार्यजी की जीवनी पढ़ रही थी। मैंने ढूंडने...
केरल के उपहार – भगवान के अपने देश से कौन से स्मृति चिन्ह साथ...
केरल भारत का सर्वाधिक प्रिय पर्यटन स्थल है। केरल के निवासी इसे भगवान का अपना देश कहते हैं। देशी एवं विदेशी पर्यटकों में यह...






















