देव दीपावली अर्थात् त्रिपुरारी पूर्णिमा – गोवा का एक विशेष उत्सव
गोवा पर्यटन द्वारा आयोजित इस पूर्णिमा उत्सव का विज्ञापन मैंने नवम्बर महीने के पूर्णिमा के कुछ दिन पहले ही अख़बार में देखा था। वालवंती नदी में आधी रात को नौका उत्सव, साथ ही लावणी...
अज़ूलेज़ो टाइलें – गोवा की आकर्षक हस्तकला
अज़ूलेज़ो! जी हाँ, इस शब्द के प्रथामोच्चारण के समय जिव्हा किंचित लड़खड़ा जाती है। परन्तु अज़ूलेज़ो वह नाम है जिसकी रंगीन टाईलें आपको गोवा में सर्वत्र दृष्टिगोचर होंगे। विशेषतः पुराने भवनों में आप इन्हें...
पूर्व-पुर्तगाली गोवा पर श्री प्रजल साखरदांडे से एक चर्चा
अनुराधा – डीटूर्स में आज हमारे साथ चर्चा कर रहे हैं, प्रा. प्रजल साखरदांडे। प्रा. प्रजल साखरदांडे गोवा के धेम्पे कला एवं विज्ञान विद्यालय में इतिहास के प्राध्यापक हैं। वे “Goa Heritage Action Group”...
दूधसागर जलप्रपात – गोवा का प्रसिद्द एवं भारत का सर्वोत्कृष्ट झरना
दूधसागर जलप्रपात, इस नाम का स्मरण होते ही विशाल दूधिया जलप्रपात से होकर जाती रेलगाड़ी का दृश्य मानसपटल पर उभरने लगता है। ऊंचा, परतदार तथा चिरस्थायी यह रमणीय झरना गोवा का प्रमुख दर्शनीय स्थल...
दीवार द्वीप – गोवा की मांडवी नदी में प्रकृति एवं धरोहर का आनंद
गोवा में पक्षी दर्शन के लिए मेरे सर्वाधिक प्रिय स्थलों में से एक है यह दीवार द्वीप। यह गोवा के मांडवी नदी के मुहाने पर स्थित दो द्वीपों में से एक है। रिबंदर अथवा...
गोवा के उत्सव – वर्ष भर मनाये जाने वाले उत्सवों की यात्रा निर्देशिका
गोवा उत्सवों का देश है। एक ओर गणेश चतुर्थी, दिवाली तथा क्रिसमस जैसे उत्सव हैं जो भारत के अन्य स्थानों के सामान गोवा में भी मनाये जाते हैं। दूसरी ओर कई ऐसे अनोखे उत्सव...
प्राचीन पुराण वर्णित म्हालसा नारायणी मंदिर वेर्णा गोवा
म्हालसा नारायणी मंदिर अथवा महालसा नारायणी मंदिर गोवा के प्रमुख मंदिरों में से एक है। फोंडा के मार्दोल में स्थित म्हालसा नारायणी मंदिर के मैंने अनेक बार दर्शन किये हैं। कुछ वर्ष पूर्व मैंने...
चंद्रेश्वर भूतनाथ मंदिर गोवा की पहाड़ी पर एक प्राचीन मंदिर
चंद्रेश्वर भूतनाथ मंदिर गोवा के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। इस मंदिर ने गोवा की प्राचीन राजधानी को अपना नाम प्रदान किया था, चंद्रपुर, जिसे अब चांदोर कहा जाता है। यह मंदिर गोवा...
गोवा का भुतहा होता कुर्डी गाँव जो साल में ११ महीने जलमग्न रहता है
कुर्डी गाँव सन १९८३ तक एक जीता जागता गाँव था। तब से यह एक भूतिया गाँव बन के रह गया है। यह गाँव गोवा के सालावली बाँध के जल में वर्ष के लगभग ११...
गोवा के प्राचीन सारस्वत मंदिर – अपनी विशिष्ट वास्तुकला के साथ
पर्यटन स्तर पर गोवा की जो छवि प्रस्तुत की जाती है वह बहुत ही सीमित है। इसी गोवा में मंदिरों के अस्तित्व की बात सुनकर लोगों को हैरानी होती है। लेकिन ये मंदिर ही...






















