चाँद बावड़ी – आभानेरी की मनमोहक कहानी
जयपुर, राजस्थान के समीप आभानेरी गाँव में स्थित चाँद बावड़ी भारत की सबसे सुन्दर बावड़ी है। मैं तो इसे सर्वाधिक चित्रीकरण योग्य बावड़ी भी मानती हूँ।
यह १३ तल गहरी बावड़ी है। बावड़ी के भीतर,...
राजस्थान के झुंझुनू शेखावाटी में दर्शनीय स्थल
झुंझुनू इतना संगीतमय शब्द है जो कानों में पड़ते ही संगीत घोलने लगता है। आँखें बंद कर झुंझुनू शब्द सुनें तो मानसपटल पर किसी शिशु का मन बहलाने वाला खनकता खिलौना, झुनझुना आ जाता...
थार मरुस्थल का चूरू – रंगों की छटा बिखेरता शेखावाटी नगर
चूरू राजस्थान का एक छोटा सा नगर है जो हरियाणा सीमा पर स्थित है। बीकानेर के निकट स्थित चूरू थार मरुभूमि में एक रमणीय मरूद्यान के समान है। लगभग १२वीं सदी में अस्तित्व में...
जयपुर के आसपास के स्थल- १० सर्वोत्कृष्ट एक-दिवसीय भ्रमण
जब जयपुर में ही इतना कुछ दर्शनीय है तो जयपुर के आसपास के दर्शनीय स्थलों की खोज हम क्यों करें? यही सोच रहे हैं न आप? आपका संशय तर्कसंगत अवश्य प्रतीत होता है। किन्तु...
भानगढ़ दुर्ग – भारत का सर्वाधिक भुतहा एवं डरावना स्थल
भानगढ़ दुर्ग – जब भी भारत के सबसे भुतहा स्थलों के सम्बन्ध में कहीं चर्चा हो तो इस दुर्ग का नाम अवश्य लिया जाता है। सूर्यास्त के उपरांत इस दुर्ग में प्रवेश करने वालों...
मंडावा एवं फतेहपुर – शेखावाटी पर्यटन केंद्र के आकर्षण
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का सर्वाधिक लोकप्रिय नगर है, मंडावा। विश्व भर से आये पर्यटकों की चहल-पहल से भरा यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह उन विशेष स्थलों में से एक हैं जहां...
नवलगढ़ की पोद्दार हवेली एवं अन्य दर्शनीय स्थल
नवलगढ़ वह प्रथम शेखावटी नगरी है जिसके मैंने दर्शन किए थे। पुष्कर से झुंझुनू के निकट स्थित बागड़ जाते समय नवलगढ़ मेरा प्रथम पड़ाव था। आप यह कह सकते हैं कि अद्भुत शेखावटी हवेलियों...
कुलधरा जैसलमेर का भुतहा, शापित एवं त्यक्त गाँव
कुलधरा - जहां जैसलमेर की भुतहा कहानियाँ अब भी जीवित हैं। चलिए जैसलमेर से दक्षिण-पश्चिम दिशा में १८ किलोमीटर दूर स्थित इस परित्यक्त गाँव जो अनेक भूतहा शापित कथाओं के लिए प्रसिद्ध है।
कुलधरा की...
रणकपुर का जैन मंदिर उदयपुर से एक-दिवसीय यात्रा
राजस्थान की सरोवर नगरी उदयपुर से लगभग ९० किमी दूर स्थित रणकपुर एक मंदिर नगरी है। यह राजस्थान के पाली जिले में सदरी नगरी के निकट स्थित है। आप कुम्भलगढ़ एवं रणकपुर दोनों का...
आमेर दुर्ग विश्व की तीसरी विशालतम प्राचीर – एक विश्व धरोहर
आमेर दुर्ग, जयपुर नगर की बाह्य सीमा पर स्थित एक विशिष्ठ दुर्ग है। प्राचीनकाल में यह मात्र एक दुर्ग ना होते हुए, एक प्रमुख संरक्षित नगरी थी। कालान्तर में जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह...






















