तनोट माता मंदिर एवं काले डूंगर मंदिर – जैसलमेर के देवी मंदिर
भौतिक रूप से जैसलमेर अपने सुनहरे दुर्ग, भुतहा गाँवों तथा बालू के टीलों के लिए जाना जाता है। किन्तु यदि इस क्षेत्र के आध्यात्मिक आधार की चर्चा की जाये तो वह जैसलमेर के देवी...
मंडावा एवं फतेहपुर – शेखावाटी पर्यटन केंद्र के आकर्षण
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का सर्वाधिक लोकप्रिय नगर है, मंडावा। विश्व भर से आये पर्यटकों की चहल-पहल से भरा यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह उन विशेष स्थलों में से एक हैं जहां...
कुलधरा जैसलमेर का भुतहा, शापित एवं त्यक्त गाँव
कुलधरा - जहां जैसलमेर की भुतहा कहानियाँ अब भी जीवित हैं। चलिए जैसलमेर से दक्षिण-पश्चिम दिशा में १८ किलोमीटर दूर स्थित इस परित्यक्त गाँव जो अनेक भूतहा शापित कथाओं के लिए प्रसिद्ध है।
कुलधरा की...
खाटू श्याम पराजितों के आश्रयदाता देव
खाटू श्याम - यह मेरी इस जयपुर यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण एवं रोचक खोज थी। खाटू श्याम मंदिर, यह नाम मैंने सुना अवश्य था पर इस पर कभी अधिक ध्यान नहीं दिया। अधिकतर लोगों...
जयपुर राजस्थान जाएँ तो क्या क्या खरीद कर लायें?
खरीददारी हेतु मेरे प्रिय स्थलों की सूची में जहां एक ओर पुरानी दिल्ली के बाजार हैं तो दूसरी ओर जयपुर के बाजारों का भी प्रमुख स्थान है। विभिन्न रंगों से परिपूर्ण जयपुर के बाजार...
रणकपुर का जैन मंदिर उदयपुर से एक-दिवसीय यात्रा
राजस्थान की सरोवर नगरी उदयपुर से लगभग ९० किमी दूर स्थित रणकपुर एक मंदिर नगरी है। यह राजस्थान के पाली जिले में सदरी नगरी के निकट स्थित है। आप कुम्भलगढ़ एवं रणकपुर दोनों का...
शेखावाटी हवेलियाँ और उनके भित्तिचित्र – राजस्थान की मुक्तांगण दीर्घा
राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र विश्व के विशालतम मुक्तांगण संग्रहालय के रूप में अत्यंत लोकप्रिय है। यहाँ की रंग-बिरंगी शेखावाटी हवेलियाँ अपनी उज्ज्वल एवं जीवंत चित्रकारी के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। इस क्षेत्र के अधिकतर नगर...
कावड़ राजस्थान की गाथायें कहता रंगीन पिटारा
कावड़ लोक कला से मेरा प्रथम सामना नई दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित दस्तकार मेले में हुआ था। चटक पीले, लाल व हरे रंग में रंगे इन रंगबिरंगे लकड़ी के...
जोधपुर – राजस्थान की नील नगरी केअद्भुत दर्शनीय स्थल
मुझे राजस्थान का भ्रमण करना अत्यंत प्रिय है क्योंकि वहाँ के व्यंजन, वहाँ की भाषा, वहाँ का संगीत, वहाँ के उद्यमी नागरिक तथा वहाँ के अचंभित करते बालू के टीले अथवा धोरा मुझे अत्यंत...
कुम्भलगढ़ दुर्ग – राजपूत वीरों की पावन भूमि
कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित अरावली पर्वतों के पश्चिमी श्रंखलाओं में गर्व से खड़ा मेवाड़ का एक किला है। यह दुर्ग राजस्थान के लोकप्रिय पर्यटन सूची में कदाचित ना हो किन्तु...






















