शिवसागर या सिबसागर – असम में मंदिरों की नगरी
दिखो नदी के किनारे पर, लगभग 380 कि.मी. गुवाहाटी के पूर्व में और जोरहाट के 60 कि.मी. पूर्व में एक छोटा पर अनोखा नगर, शिवसागर बसा हुआ है। इसे सिबसागर के नाम से भी...
ले कोर्बुसिएर केंद्र – चंडीगढ़ के सृजक को श्रद्धांजलि
ले कोर्बुसिएर केंद्र कहता है चंडीगढ़ नगर का आधुनिक इतिहास। चंडीगढ़ भारत का एकमात्र ऐसा शहर है जो पहले से ही एक आधुनिक राजधानी के रूप में योजनाबद्ध किया गया था। यह शहर भारत...
फिरोजाबाद – रंगबिरंगी कांच की चूड़ियों की सुहाग नगरी
फिरोजाबाद, इस नगरी के नाम का स्मरण सदैव से मेरे कानों में कांच की चूड़ियों की खनक उत्पन्न करता रहा है। सम्पूर्ण भारत में मैं किसी भी मेले अथवा बाजार में रंगबिरंगी चमचमाती कांच...
नग्गर – कुल्लू मनाली का महल, इतिहास एवं प्रकृति
नग्गर हिमाचल प्रदेश का एक आकर्षक स्थान है जो चित्रपट निर्माताओं में अत्यंत लोकप्रिय है। उन्हें जब भी हिमाचल प्रदेश में चित्रपट का चित्रण करना हो तो वे अधिकतर नग्गर की ओर ही जाना...
फूल बंगला प्रथा ब्रज के मंदिरों का ग्रीष्मकालीन उत्सव
मानवी चेतना के आरंभ से मनुष्य प्रकृति के विभिन्न रूपों की आराधना करता आ रहा है। मनुष्य ने अपनी कल्पना में प्रकृति के अनेक दैवी रूपों को प्रकट किया है। देव सदृश प्रकृति की...
मंदिरों के माध्यम से प्राचीन चेन्नई का पुनरावलोकन
मंदिरों के माध्यम से प्राचीन चेन्नई का पुनरावलोकन करा रहे हैं श्री प्रदीप चक्रवर्ती जी, जोThanjavur: A Cultural History नामक पुस्तक के लेखक हैं। श्री प्रदीप चक्रवर्ती द्वारा लिखित अनेक ऐसी पुस्तकें हैं जिनके...
हर्वले गाँव – गोवा में पांडव गुफाएं, वल्लभाचार्य बैठक और जलप्रपात
गोवा के उत्तर गोवा जिले में स्थित बिचोली गाँव के आगे हर्वले नामक एक गाँव है। इसे अर्वलेम भी कहा जाता है। यहाँ स्थित, ६० फीट ऊंचा, बारहमासी जल-प्रपात एवं अनेक किवदंतियों से जुड़ा,...
करणी माता मंदिर — बीकानेर, राजस्थान में मूषकों का अनोखा साम्राज्य
शीर्षक पढ़ कर ही आपकी भौंहें सिकुड़ गयी होंगी और सारे शरीर में सिहरन दौड़ गयी होगी। जी हाँ मूषक, जिनका उल्लेख करते ही हम चौंक जाते हैं और उन्हें भगाने में जुट जाते...
पुरखौती मुक्तांगन – पूर्वजों को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलि, नया रायपुर
नए रायपुर की चौड़ी, व्यापक और बिजली के खंबों से पंक्तिबद्ध सड़कें आपको इस 200 एकड़ के संस्कृति और विरासत से जुड़े संग्रहालय तक ले जाती हैं, जिसे पुरखौती मुक्तांगन कहा जाता है। जब...
गंगईकोंड चोलपुरम का भव्य बृहदीश्वर मंदिर
तमिलनाडु के तंजावूर से लगभग ८० किलोमीटर की दूरी पर एक छोटी नगरी है - गंगईकोंड चोलपुरम। यह गाँव, अरियलूर जिले में जयनकोंडम नगरी के समीप स्थित है। चोल सम्राट राजेंद्र प्रथम ने सन्...






















