बीकानेरी हवेलियाँ – राजस्थान के समृद्ध इतिहास की झलक
बीकानेर - यह नाम मेरे मानसपटल में केवल बीकानेरी भुजिया से जुड़ा हुआ था। बीकानेर, जिसे मैंने अन्य राजस्थानी शहरों की तरह, एक रेगिस्तानी शहर से ज्यादा कुछ नहीं समझा था - वही विरासती...
भारतीय संसद भवन नई दिल्ली में अभ्यागमन के अनुभव
जब भी भारतीय संसद में संसदीय सत्र चल रहा हो अथवा प्रश्नोत्तर काल हो या बजट सत्र चल रहा हो तो हम में से अधिकाँश देशवासियों की दृष्टि, संसद भवन की कार्यवाही देखने के...
वडक्कन्नाथन मंदिर केरल के त्रिचूरपूरम का उत्कृष्ट शिव मंदिर
वडक्कन्नाथन मंदिर केरल के सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। यह मंदिर केरल के त्रिचूर में स्थित है जो इस राज्य का एक महत्वपूर्ण धार्मिक नगर है। ऐसी मान्यता है कि...
११ विशेष मंदिर प्रसाद जो खाए बिना आप नहीं रह सकते
सम्पूर्ण भारत के सभी मंदिरों में मिलने वाला प्रसाद एक दिव्य खाद्य है। सर्वप्रथम हम उस खाद्य पदार्थ को भगवान को अर्पित करते हैं। भगवान उस खाने को आशीष देते हैं, अभिमंत्रित करते हैं।...
बनशंकरी अम्मा मंदिर – बादामी उत्तर कर्णाटक का एक शक्तिपीठ
श्री बादामी बनशंकरी देवी की पूजा-आराधना स्वर्णिम कर्नाटक के चालुक्य काल से चली आ रही है। कर्णाटक के बागलकोट जिले में बादामी तालुका में स्थित बनशंकरी मंदिर उत्तर कर्णाटक का एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है।...
पडी इग्गुथप्पा मंदिर कूर्ग के अधिष्ठात्र देवता से एक साक्षात्कार
इग्गुथप्पा को समर्पित पडी इग्गुथप्पा मंदिर कूर्ग का अत्यंत महत्वपूर्ण मंदिर है। इग्गुथप्पा कोडगू अथवा कूर्ग के प्रमुख देवता हैं तथा कोडवा समुदाय के कुल देवता हैं। प्राचीन काल में वे कदाचित वर्षा एवं...
प्राचीन भारत में यात्राएं कैसे करते थे लोग? -सुमेधा वर्मा ओझा
अनुराधा: नमस्ते। आज हमसे चर्चा करने के लिए हमारे साथ है, सुश्री सुमेधा वर्मा ओझा जी । सुमेधा जी एक भूतपूर्व भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी हैं। अतः उन्हें अर्थव्यवस्था, कर इत्यादि में तो निपुणता...
भारत की रेशमी साड़ियाँ – कला एवं धरोहर का अद्भुत संगम
कला का दूसरा नाम है प्रेरणा। कला के विभिन्न रूप एक दूसरे से प्रेरित होते हैं तथा एक दूसरे को प्रोत्साहित करते हैं। वे नवीन विचारों के प्रेरणास्त्रोत हैं। कला के विभिन्न रूपों का...
सुप्रसिद्ध राम भजन जो राम नाम में ओत-प्रोत कर दें
भारत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्वों में एक पर्व है दीपावली। दीपावली अर्थात् घरों का रंग रोगन व सजावट, नवीन वस्त्रों की खरीदी, व्यापारियों का नवीन वित्तीय वर्षारंभ, भिन्न भिन्न मिष्टान्न व पक्वान्न, पटाखे, गुलाबी...
कूच बिहार – पश्चिम बंगाल की राजसी नगरी के पर्यटक स्थल
कूच बिहार – इस नगरी के विषय में मैंने सर्वप्रथम उस समय जाना जब मैं जयपुर की महारानी गायत्री देवी से संबंधित एक लेख पढ़ रही थी। महारानी गायत्री देवी के पिता कूच बिहार...






















