Comments on: राहुल सांकृत्यायन रचित घुमक्कड़ स्वामी – यात्रा साहित्य https://inditales.com/hindi/ghumakkad-swami-rahul-sankrityayan-samiksha/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Sat, 13 Mar 2021 20:37:09 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.4 By: Madhav Kumarमाधव कुमार https://inditales.com/hindi/ghumakkad-swami-rahul-sankrityayan-samiksha/#comment-793 Sat, 13 Mar 2021 20:37:09 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2099#comment-793 अनुराधा जी,
नमस्ते
राहुल सांस्कृत्यायन जी द्वारा लिखित पुस्तक घुमक्कड़ स्वामी के बारे में आपके समीक्षात्मक लेख पढकर पुस्तक पढने की जिज्ञासा बढ गई है। परतु पुस्तक उपलब्ध नही हो पायी अमेजन से।

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/ghumakkad-swami-rahul-sankrityayan-samiksha/#comment-738 Sun, 17 Jan 2021 13:44:51 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2099#comment-738 In reply to Chandrahas Shikkenavis.

सबकी जीवन यात्रा का अपना एक पथ होता है, कोई पहले बंधनों में बंधता है तो कोई बाद में.

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By: Chandrahas Shikkenavis https://inditales.com/hindi/ghumakkad-swami-rahul-sankrityayan-samiksha/#comment-736 Sun, 17 Jan 2021 11:51:53 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2099#comment-736 अनुराधाजी और मीताजी
आपने “घुमक्कड़ स्वामी” पुस्तक की बहुतही अच्छी समीक्षा की है. स्वामीने जीवन के पूर्वार्ध मे भ्रमण कर उत्तर भारतकी भौगोलिक तथा आध्यात्मिक यात्रा की ,और आर्युवैदिक औषधियोंकी जानकारी प्राप्त कर उनका व्यवसायीकरण किया जो एक समाज उपयोगी कार्य है.
मेरे हिसाब से साधु द्वारा उत्तरार्ध मे विवाह करना कोई गलत बात नही है.इसी समयतो सहीमे साथीकी जरुरत होती है .
आपके लेख से प्रतीत होता है की गृहस्थी जीवन संन्यासियों के जीवन से ज्यादा श्रेष्ठ है. जीवनकी सुंदर जानकारी हेतु धन्यवाद.

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/ghumakkad-swami-rahul-sankrityayan-samiksha/#comment-726 Sat, 09 Jan 2021 06:04:45 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2099#comment-726 In reply to प्रदीप खोपकर.

प्रदीप जी – अवश्य पढियेगा, एक सदी पुराने भारत के भ्रमण का आनंद अब ऐसे ही प्राप्त हो सकता है।

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By: प्रदीप खोपकर https://inditales.com/hindi/ghumakkad-swami-rahul-sankrityayan-samiksha/#comment-725 Fri, 08 Jan 2021 18:35:45 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2099#comment-725 अनुराधा जी,
राहुल सांस्कृत्यायन द्वारा लिखित पुस्तक “घुमक्कड़ स्वामी” के बारे में सुंदर समीक्षात्मक आलेख ! आलेख से ज्ञात हुआ कि लेखक ने पुस्तक में अपने भ्रमणप्रिय पात्र के माध्यम से भारतवर्ष के उत्तरी भाग का सुंदर यात्रा वृत्तांत प्रस्तुत करते हुए विभिन्न धर्मों ,सन्यासियों के जनजीवन के साथ ही प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद का भी समावेश किया है । राहुल सांस्कृत्यायन की भाषा उच्च स्तर की होने से हमें हिन्दी भाषा की शुद्धता तथा सुंदरता का परिचय होता है ।
पुस्तक वास्तव में पठनीय होगी ।
धन्यवाद !

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