Comments on: तनोट माता मंदिर एवं काले डूंगर मंदिर – जैसलमेर के देवी मंदिर https://inditales.com/hindi/jaisalmer-ke-devi-mandir/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Mon, 23 Mar 2026 11:21:00 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 By: Digvijay sngh https://inditales.com/hindi/jaisalmer-ke-devi-mandir/#comment-2221 Mon, 23 Mar 2026 11:21:00 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2788#comment-2221 In reply to प्रदीप खोपकर.

इनके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णरूप से गलत है, तनोटराय एवं कालेडूंगरराय सहित 52 मंदिर लोकदेवी आवड़ माता एवं उनकी बहनो को समर्पित है

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By: दिग्विजय सिंह https://inditales.com/hindi/jaisalmer-ke-devi-mandir/#comment-2209 Fri, 09 Jan 2026 00:59:56 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2788#comment-2209 In reply to प्रदीप खोपकर.

यह देवी आवड़ माता एवं उनकी बहनो एवं भाई को समर्पित मंदिर है,- मामडिया चारण के घर देवी आवड़ सहित 7 पुत्रीयो का जन्म हुआ एवं 1 पुत्र का जन्म हुआ, देवी आवड़ 52 उपनाम से पूजी जाति है -तनोटराय कालेडूंगरराय, देगराय, तेमडाराय, भादरीयाराय, स्वागियाराय इत्यादि

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By: दिग्विजय सिंह https://inditales.com/hindi/jaisalmer-ke-devi-mandir/#comment-2208 Fri, 09 Jan 2026 00:59:11 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2788#comment-2208 यह देवी आवड़ माता एवं उनकी बहनो एवं भाई को समर्पित मंदिर है,- मामडिया चारण के घर देवी आवड़ सहित 7 पुत्रीयो का जन्म हुआ एवं 1 पुत्र का जन्म हुआ, देवी आवड़ 52 उपनाम से पूजी जाति है – तनोटराय कालेडूंगरराय, देगराय, तेमडाराय, भादरीयाराय, स्वागियाराय इत्यादि

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By: प्रदीप खोपकर https://inditales.com/hindi/jaisalmer-ke-devi-mandir/#comment-952 Fri, 30 Sep 2022 11:28:34 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2788#comment-952 अनुराधा जी, जैसलमेर के दो प्रसिद्ध माता मंदिरों के बारे में रोचक जानकारी युक्त सुंदर आलेख। पढ़कर जनवरी २०२० में की गई जैसलमेर यात्रा की स्मृतियाँ बरबस ही जीवंत हो उठी। उस समय प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर में माता की अलौकिक एवम् चमत्कारिक मूर्ति के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मूर्ति के दोनों ओर भारत-पाक युद्ध के समय निष्क्रिय किये गये बमों को अभी भी सबके अवलोकनार्थ रखा गया है। मंदिर का सारा प्रबंधन भारतीय सेना द्वारा ही किया जाता है। मंदिर में जाते ही हमारे सैनिकों की वीरता और शहादत पर अनायास ही गर्व की अनुभूति होती हैं।
आलेख में काले डूंगर मंदिर तथा इससे जुड़ी किंवदंती के बारे में भी सुंदर जानकारी प्राप्त हुई।
सुंदर पठनीय आलेख हेतु साधुवाद !

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