Comments on: कन्याकुमारी के सर्वोत्तम दर्शनीय स्थल https://inditales.com/hindi/kanyakumari-ke-paryatak-sthal/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Sun, 11 Apr 2021 17:09:04 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.4 By: Chandrahas Shikkenavis https://inditales.com/hindi/kanyakumari-ke-paryatak-sthal/#comment-806 Sun, 11 Apr 2021 17:09:04 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2230#comment-806 मीताजी एवं अनुराधाजी
लेखक की बहुत ही सुंदर शुरुआत.ऐसा लग रहा था जैसे हम ही उस दौर से गुजर रहे है.इतने खतरों से खेलते हुए आपने जब उस शिला को स्पर्श किया तब मन बहुत ही प्रसन्न हुआ.जब आप अथाह सागर से घिरे हो और मौसम के मिजाज का पता न हो तब तो सिर्फ हिंमत से ही काम चल सकता है. फोटो के साथ आपने जो विवेकानंद शिला,मंडप का वर्णन किया वह और वहां से दिखने वाली कन्याकुमारी मन को बहुत ही लुभावने वाले थे. अन्य दर्शनीय स्थलो के बारे में भी आपने जो जानकारी दी है वह दिल को छूने वाली है और मन को वहाँ जाने के लिए मजबूर करने वाली है.
जिस स्थल पर दो सागर और एक महासागर का मिलन होता हो तथा जहां विवेकानंद और आदि शंकरचार्य जैसे महान संतो का चरण स्पर्श हुआ हो वह अत्यंत पुण्यस्थली ही है.
सुंदर माहिती से भरपूर लेख हेतु बहुत बहुत धन्यवाद.

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/kanyakumari-ke-paryatak-sthal/#comment-800 Thu, 01 Apr 2021 13:44:06 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2230#comment-800 In reply to Pradeep Khopkar.

धन्यवाद प्रदीप जी

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By: Pradeep Khopkar https://inditales.com/hindi/kanyakumari-ke-paryatak-sthal/#comment-799 Thu, 01 Apr 2021 13:33:39 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2230#comment-799 अनुराधाजी, मीताजी,
भारत के सुदूर दक्षिण छोर पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कन्याकुमारी का बहुत ही सुंदर शब्द चित्रण । बीच समुद्र में स्थित प्रसिद्ध विवेकानंद स्मारक शिला तथा समीप ही खड़ी पाषाण की भव्य थिरूवलुवर प्रतिमा के बारे में पढ़ना स्वयं को रोमांचित करने के लिए पर्याप्त हैं । सही मे यह प्रकृति का चमत्कार ही हैं कि यहाँ समुद्र में एक ही स्थान से सूर्योदय तथा सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य हम देख सकते हैं तथा यह और भी आश्चर्यजनक है कि यह घटना विश्व में केवल दो स्थानों पर ही होती हैं !
विवेकानंद मंदिर के अंधेरे ध्यान कक्ष में ध्यान मग्न होने पर वास्तव में आत्मिक शांति की अनुभूति होती होगी ।कन्याकुमारी देवी के बारे में किंवदंती भी रोचक है ।आलेख में यहाँ के अन्य दर्शनीय स्थलों की भी सुंदर जानकारी समाहित की गई हैं ।
पठनीय आलेख हेतु धन्यवाद ।

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