Comments on: मांडू की प्राचीन जल प्रबंधन प्रणाली एवं बावड़ियाँ https://inditales.com/hindi/mandu-jal-prabandhan-pranali/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Sun, 30 Jan 2022 04:03:48 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.5 By: Virendra Chokhare https://inditales.com/hindi/mandu-jal-prabandhan-pranali/#comment-899 Sun, 30 Jan 2022 04:03:48 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1468#comment-899 इन समस्त जल स्रोतों को हमने बहुत ही करीब से देखा है और वास्तव में प्राचीन काल की यह अद्भुत जल संचयन प्रणाली हमें वर्तमान समय में बहुत कुछ सीखने को प्रेरित करती हैं l बहुत-बहुत धन्यवाद

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/mandu-jal-prabandhan-pranali/#comment-521 Thu, 05 Sep 2019 07:50:00 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1468#comment-521 In reply to Sanjay Jain.

संजय जी – आशा है मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग इस पर ध्यान देगा और एक जल सैर आरम्भ कर्गेया मांडू में। आपके प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद।

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By: Sanjay Jain https://inditales.com/hindi/mandu-jal-prabandhan-pranali/#comment-520 Thu, 05 Sep 2019 07:45:34 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1468#comment-520 मांडू जिसे हम बचपन मे मांडव के नाम से जानते थे। हम इंदौर वासी मांडू तो बहुत बार गए लेकिन जैसा आपने जलप्रबंधन के बारे में इतना विस्तार से (तकनीकी रूप से) बताया वह हमने कभी भी नही सोचा वाकई जलप्रबंधन आज के संदर्भ में नितान्त आवश्यकता बन चुकी है इससे हमारे समाज को सिख लेना चाहिए।
मांडव का नैसर्गिक सौंदर्य अभी मानसून में अपने पूर्ण यौवन पर रहता है और पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ की इमली भी काफी प्रसिद्ध है। एक अच्छे ज्ञानवर्धक आलेख के लिए साधुवाद????????

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/mandu-jal-prabandhan-pranali/#comment-517 Thu, 22 Aug 2019 12:17:35 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1468#comment-517 In reply to प्रदीप खोपकर.

प्रदीप जी – बुरहानपुर कुण्डी भंडारा पर भी लेख शीघ्र ही आ रहा है. कभी कभी लगता २-४ हाथ और होते तो भारत के और माणिक निकाल कर लाते.

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By: प्रदीप खोपकर https://inditales.com/hindi/mandu-jal-prabandhan-pranali/#comment-516 Thu, 22 Aug 2019 11:04:42 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1468#comment-516 अनुराधा जी,
आपने तो सही में ऐतिहासिक स्थल मांडू की यात्रा ही करा दी…मध्य प्रदेश मे स्थित होने से और भी सुखद अनुभूति हुईं । वर्षा के अतिरिक्त और कोई भी जल स्त्रोत उपलब्ध न होने के बावजूद भी इतनी ऊंचाई पर जल संचय करना आश्चर्यजनक हैं ।सच मे सैकडों वर्षों पूर्व निर्मित मांडू की जल प्रबंधन प्रणाली तत्कालिन वास्तुविदों एवम् कारागीरों के अभियांत्रीकीय दृष्टिकोण का बेज़ोड नमुना है ! मांडू की जल प्रबंधन प्रणाली बरबस ही हमें मध्य प्रदेश में ही स्थित बुरहानपुर की लगभग चार सौ वर्षों पुरानी जीवित भू-जल संरचना “कुंडी भंडारा अथवा खूनी भंडारा” का स्मरण कराती हैं ।सुंदर आलेख हेतू साधुवाद !

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