Comments on: नमस्ते! जानिये अभिवादन के २० से अधिक प्रकार चौंक गये? https://inditales.com/hindi/namaste-bharat-ke-abhivaadan/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Sat, 22 Jul 2023 14:33:34 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.5 By: Shivcharan Mitthusing Jadhav https://inditales.com/hindi/namaste-bharat-ke-abhivaadan/#comment-987 Sat, 22 Jul 2023 14:33:34 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1901#comment-987 शिवशिव….

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By: Shivcharan Mitthusing Jadhav https://inditales.com/hindi/namaste-bharat-ke-abhivaadan/#comment-986 Sat, 22 Jul 2023 14:33:05 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1901#comment-986 मै तो सिर्फ…..शिवशिव….कहता हु… और औरो को कहने के लिए प्रेरित करता हु….शिवशिव….

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By: देव राज शर्मा https://inditales.com/hindi/namaste-bharat-ke-abhivaadan/#comment-968 Sat, 17 Dec 2022 06:16:35 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1901#comment-968 🌹🙏 आदरणीय संपादक जी, यह लेख मधुमिता ताम्हणे द्वारा अनुवादित एवं अनुराधा गोयल द्वारा प्रेषित प्रतीत हुआ। सबसे उच्च कोटि का अभिवादन नि: संदेह "नमस्ते या नमस्ते जी" ही है। संस्कृत भाषा है। नमस्ते बहुवचन शब्द है जो कि एक व्यक्ति के अभिवादन के लिए भी प्रसिद्ध है। इस शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों को मिलाकर हुई है। नमस्ते = नम: + ते नम: = नमन करना ते = वह सब ( स: , तौ , ते ) " ते " ही क्यूं? ते इसलिए क्योंकि मानव शरीर में ईश्वरीय अंश दिव्यात्मा, मनुष्य की स्वयं की आत्मा, मानव देह जो कि अणगिणत कोशिकाओं से बनता है, इन सभी का अस्तित्व का ध्यान करते हुए किया जाता है। जब हम नमस्ते कहते हैं तो हम आप में सन्निहित समस्त ब्रह्माण्ड का वंदन करते हैं। "जी" का उपयोग विशेष सम्मान प्रदर्शित करता है। नमस्कार दोनों हाथ जोड़कर किया जाता है । हरियाणा में "जय राम जी की" अभिवादन का भी भरपूर उपयोग किया जाता है। काशी में केवल "महादेव" बोलते हैं, जिसका तात्पर्य यह है कि महादेव की अनन्य कृपा आप पर हमेशा बनी रहे। देव राज शर्मा +२३४८०३३१५९९९१]]> सर्वप्रथम आप सभी को नमस्ते एवं धन्यवाद 🙏🌹🙏

आदरणीय संपादक जी, यह लेख मधुमिता ताम्हणे द्वारा अनुवादित एवं अनुराधा गोयल द्वारा प्रेषित प्रतीत हुआ।

सबसे उच्च कोटि का अभिवादन नि: संदेह “नमस्ते या नमस्ते जी” ही है। संस्कृत भाषा है।
नमस्ते बहुवचन शब्द है जो कि एक व्यक्ति के अभिवादन के लिए भी प्रसिद्ध है।
इस शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों को मिलाकर हुई है।
नमस्ते = नम: + ते
नम: = नमन करना
ते = वह सब ( स: , तौ , ते )
” ते ” ही क्यूं?
ते इसलिए क्योंकि मानव शरीर में ईश्वरीय अंश दिव्यात्मा, मनुष्य की स्वयं की आत्मा, मानव देह जो कि अणगिणत कोशिकाओं से बनता है, इन सभी का अस्तित्व का ध्यान करते हुए किया जाता है।
जब हम नमस्ते कहते हैं तो हम आप में सन्निहित समस्त ब्रह्माण्ड का वंदन करते हैं।
“जी” का उपयोग विशेष सम्मान प्रदर्शित करता है।

नमस्कार दोनों हाथ जोड़कर किया जाता है ।

हरियाणा में “जय राम जी की” अभिवादन का भी भरपूर उपयोग किया जाता है।
काशी में केवल “महादेव” बोलते हैं, जिसका तात्पर्य यह है कि महादेव की अनन्य कृपा आप पर हमेशा बनी रहे।

देव राज शर्मा +२३४८०३३१५९९९१

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By: KULDEEP RAJPUROHIT https://inditales.com/hindi/namaste-bharat-ke-abhivaadan/#comment-886 Mon, 20 Dec 2021 13:05:47 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=1901#comment-886 राजस्थानी में नमस्ते को खम्मा घणी बिल्कुल भी नहीं कहते। आपने राजस्थान को देखा ही नहीं लगता है। राजस्थानी में नमस्ते को राम-राम सा कहते है। लेकिन जै माता जी री, जै रघुनाथ जी री, जैसे भी शब्द प्रचलन में है जो समाज विशेषों में काम आते है। जो आप खम्मा घणी का प्रचलन देख रहे हो, वो निहायती मूर्खता पूर्ण और बॉलीवुड से प्रेरित है। खम्मा घणी का शाब्दिक अर्थ खूब क्षमा है जो कि राज दरबारों मे कुछ अरज करने से पहले कहा जाता था। अतः आप से निवेदन है कि इस लेख को पुनः संपादित किया जाए।

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