Comments on: जींद रियासत की भूतपूर्व राजधानी- संगरूर के पर्यटक स्थल https://inditales.com/hindi/sangrur-punjab-paryatak-sthal/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Wed, 24 Mar 2021 04:08:26 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.4 By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/sangrur-punjab-paryatak-sthal/#comment-795 Wed, 24 Mar 2021 04:08:26 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2201#comment-795 In reply to Chandrahas Shikkenavis.

धन्यवाद चंद्रहास जी

]]>
By: Chandrahas Shikkenavis https://inditales.com/hindi/sangrur-punjab-paryatak-sthal/#comment-794 Tue, 23 Mar 2021 18:12:38 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2201#comment-794 मीताजी एवं अनुराधाजी
जींद राज्य का पुर्व महाभारत काल से १९वी शताब्दि तक के इतिहास के बारे मेँ आपका लेख बहुतअच्छा लगा.संगरुर जो अभी पंजाबमें स्थित है को विकसित करनेमे महाराजा रघुवीर सिंह का बहुत योग दान है.
यहां की समाधियों पर मंदिरके समान शिखर है और यहां के बहुत से लोग भारतीय फौज मे है जानकर गर्व महसूस हुवा.
महाराजा रंजीत सिंह की मा के बारे मे भी जानकर आश्चर्य हुआ. संगरुर के सनसार बाग,घंटाघर,दुर्ग के अवशेष,राजेश्वरी मंदिर और ननकिया साहब गुरुद्वरा बहोत सुंदर लगे. महत्वपुर्ण जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यावाद.

]]>
By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/sangrur-punjab-paryatak-sthal/#comment-788 Thu, 11 Mar 2021 12:45:04 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2201#comment-788 In reply to प्रदीप खोपकर.

भारत कहानियों से भरा हुआ है, एक ढूँढने निकालो, १०० मिलती हैं, जो मेरे हाथ लगी, वो साँझा कर रही हूँ।

]]>
By: प्रदीप खोपकर https://inditales.com/hindi/sangrur-punjab-paryatak-sthal/#comment-787 Thu, 11 Mar 2021 12:05:34 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2201#comment-787 अनुराधा जी,सदियों पुरानी जींद रियासत की पूर्व राजधानी संगरूर के इतिहास को प्रतिपादित करता बहुत ही सुंदर आलेख । आलेख में जींद रियासत के इतिहास तथा यहाँ के शासकों का सिलसिलेवार वर्णन किया गया है ।वास्तव में संगरूर नगर अपनी सुंदरता और सदियों पुराने ऐतिहासिक महत्व को अपने आप में समेटे हुए हैं ।आपका कथन सही है संगरूर नगर पर्यटकों,शोधकर्ताओं,इतिहासकारों तथा छायाचित्रकारों के लिये स्वर्ग है ।भारतीय सेना में भी यहाँ के जाँबाज़ो ने अपनी सेवाएं दी हैं इससे यहाँ की महत्ता और भी बढ़ जाती हैं ।
ऐतिहासिक जानकारी प्रदान करते आलेख हेतु धन्यवाद !

]]>