Comments on: सोपारा: मुंबई के पास स्थित मंदिर, पोत, तीर्थ एवं पर्यटक स्थल https://inditales.com/hindi/sopara-mumbai-paryatak-sthal/ श्रेष्ठ यात्रा ब्लॉग Tue, 09 Mar 2021 06:46:59 +0000 hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.4 By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/sopara-mumbai-paryatak-sthal/#comment-782 Tue, 09 Mar 2021 06:46:59 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2183#comment-782 In reply to Bipin.

धन्यवाद विपिन जी

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By: Bipin https://inditales.com/hindi/sopara-mumbai-paryatak-sthal/#comment-781 Sat, 06 Mar 2021 19:34:05 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2183#comment-781 Ye blog post bada hi sundar aur acche se likha gya h.
Mje isko padker kafi jaankari mili.
Thanks

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/sopara-mumbai-paryatak-sthal/#comment-770 Sun, 21 Feb 2021 12:04:25 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2183#comment-770 In reply to प्रदीप खोपकर.

धन्यवाद प्रदीप जी

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By: प्रदीप खोपकर https://inditales.com/hindi/sopara-mumbai-paryatak-sthal/#comment-769 Sun, 21 Feb 2021 11:37:46 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2183#comment-769 अनुराधा जी,मुंबई के सोपारा के पास स्थित विभिन्न मंदिरों ,तीर्थ तथा पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी प्रदान करता बहुत ही सुंदर आलेख । वर्तमान नाला सोपारा का इतना प्राचीन ऐतिहासिक तथा पौराणिक वैभवशाली इतिहास हैं यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ । सदियों पुरानी पुस्तक में भी इस क्षेत्र का तथा विभिन्न देशों के साथ यहाँ के व्यापारिक संबंधों का,पुरातन काल में क्षेत्र की सामाजिक संरचना का उल्लेख होना हतप्रभ करने के लिये पर्याप्त है । समय समय पर यहाँ सनातन,बौद्ध तथा जैन धर्मों का प्रचार प्रसार होना यहाँ के धार्मिक उत्थान को भलीभाँति इंगित करता हैं ।
ज्ञानवर्धक सचित्र आलेख हेतु आप,मोनीशजी तथा मीता जी के लिये साधुवाद !

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By: Anuradha Goyal https://inditales.com/hindi/sopara-mumbai-paryatak-sthal/#comment-768 Sun, 21 Feb 2021 04:40:09 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2183#comment-768 In reply to Chandrahas Shikkenavis.

आपके स्नेहाशीष के लिए धन्यवाद

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By: Chandrahas Shikkenavis https://inditales.com/hindi/sopara-mumbai-paryatak-sthal/#comment-767 Sat, 20 Feb 2021 16:59:54 +0000 https://inditales.com/hindi/?p=2183#comment-767 एक इंजिनीयर व्दारा लिखीत तथा एक इंजिनीयर व्दारा उत्कृष्ट अनुवादित लेख किसी कादंबरीसे कम नही है. दुसरी शताब्दी से उन्नीसवीं शताब्दी तक का चुनींदा शब्दो व्दारा वर्णन बहुतही रोचक एवं भावपुर्ण है.
उसमे किंवदंतियों सहित ऐतिहासिक और भौगोलिक वर्णन अचंभित करनेवाला है.नालासोपारा याने शुर्पारक की स्थापना और निर्मल सरोवर का निर्माण परशुरामजी व्दारा किया गया जानकर आश्चर्य हुवा. लेख से प्रतित होता है की गौतम बुध्द से अशोक तक और उसके बाद अन्य बौध्द धर्मियोंने भी इसके उत्थान में अत्यन्त योगदान दिया. जैन धर्मीयोने भी इस स्थान को अपना महत्वपुर्ण तिर्थस्थल माना और इसे अंतर्देशीय व्यापारिक स्थल बनाया जानकर खुशी हुई.
लेख व्दारा जाना की पुर्तगालियों ने भी यहां दो शताब्दी तक राज किया वैसेही वसई दुर्ग से अपना सैन्य संचालन किया और अनेक गिरजाघरों का निर्माण करवाया.
नालासोपारा के सभि दर्शनीय स्थलों की सुंदर और सटिक जानकारी के लिए आपको अनेकानेक धन्यवाद.

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