आगरा पेठा – शहर की पारंपरिक स्वादिष्ट मिठाई
आगरा शहर मुख्य रूप से विश्व में स्थित सात अजूबों में से एक ' ताज महल ' के लिए विश्वप्रसिद्ध है। किन्तु इसके अलावा...
वृन्दावन के दर्शनीय स्थल – मंदिर, घाट व संग्रहालय
एक समय वृन्दावन केवल एक वन मात्र था। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ब्रज भूमि में कुल १२ वन थे। वृन्दावन उनमें से एक है।...
विंध्याचल मीरजापुर के निकट माँ विंध्यवासिनी का पर्वतीय आवास
विंध्यवासिनी देवी का सीधा साधा सा अर्थ है विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली देवी । विंध्याचल पर्वत श्रंखला भारत के सम्पूर्ण मध्य भाग...
चलिए मथुरा वृन्दावन में ब्रज की होली का आनंद लेने
होली का पर्व भारत का सर्वाधिक उल्हासपूर्ण पर्व है। इसी होली के आनंददायक पर्व का यदि आप कहीं पारंपरिक रूप से अनुभव लेना चाहते...
चुनरी मनोरथ – मथुरा में यमुना जी का चुनरी ओढ़ना
श्री कृष्ण के काल को बहुधा इन तीन धरोहरों से जोड़ा जाता है, गोवर्धन पर्वत, ब्रज भूमि तथा यमुना नदी।
यमुना नदी का श्याम वर्ण...
ब्रजवासी का मथुरा पेड़ा- उत्कृष्ट पाककृति की एक झलक
मथुरा पेड़ा! आपने नाम तो सुना ही होगा। वस्तुतः इसे खाया भी होगा। अतः मथुरा पेड़ा का नाम सुनकर मुँह में पानी आना स्वाभाविक...
गोवर्धन परिक्रमा – वह पर्वत जिसे कृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पे उठाया था
गोवर्धन पर्वत, यमुना एवं ब्रज भूमि – केवल यही तीन मूल धरोहर कृष्ण के समय से अब तक अस्तित्व में हैं। कम से कम...
फिरोजाबाद – रंगबिरंगी कांच की चूड़ियों की सुहाग नगरी
फिरोजाबाद, इस नगरी के नाम का स्मरण सदैव से मेरे कानों में कांच की चूड़ियों की खनक उत्पन्न करता रहा है। सम्पूर्ण भारत में...
त्रिवेणी संगम की नगरी प्रयागराज के प्राचीन मंदिर
प्रयागराज के प्राचीन मंदिरों के विषय में प्रयागराज नगरी से बाहर कदाचित ही कोई जानता हो। हम प्रयागराज को त्रिवेणी संगम से ही अधिक...
प्रयागराज के अनमोल धरोहरों का दर्शन- एक पदभ्रमण
प्रयागराज, जिसे कुछ समय के लिए इलाहाबाद भी कहा जाता था, एक छोटा किन्तु अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है। भारत के तीन प्रधानमंत्री प्रयागराज नगर...






















