जोधपुर – राजस्थान की नील नगरी केअद्भुत दर्शनीय स्थल
मुझे राजस्थान का भ्रमण करना अत्यंत प्रिय है क्योंकि वहाँ के व्यंजन, वहाँ की भाषा, वहाँ का संगीत, वहाँ के उद्यमी नागरिक तथा वहाँ...
कुम्भलगढ़ दुर्ग – राजपूत वीरों की पावन भूमि
कुम्भलगढ़ दुर्ग राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित अरावली पर्वतों के पश्चिमी श्रंखलाओं में गर्व से खड़ा मेवाड़ का एक किला है। यह दुर्ग...
राजस्थान की जल संस्कृति – नीरज दोशी से वार्ता
अनुराधा – नमस्ते। इंडीटेल्स डीटुअर्स के इस संस्करण में आप सबका स्वागत है। आज हमारे साथ हैं नीरज दोशीजी जो जयपुर के जल धरोहर...
चित्तौड़गढ़ दुर्ग के मंदिर – मीरा बाई की भक्ति स्थली
चित्तौड़गढ़ दुर्ग के भीतर अनेक मंदिर हैं जो दुर्ग में चारों ओर बिखरे हुए हैं। दुर्ग के भीतर ऐसा कोई स्थान नहीं है जहाँ...
रणकपुर का जैन मंदिर उदयपुर से एक-दिवसीय यात्रा
राजस्थान की सरोवर नगरी उदयपुर से लगभग ९० किमी दूर स्थित रणकपुर एक मंदिर नगरी है। यह राजस्थान के पाली जिले में सदरी नगरी...
हल्दी घाटी- महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास की गाथा
हल्दी घाटी! मेरे सम्पूर्ण शालेय जीवन में इतिहास की पुस्तकों के माध्यम से हल्दी घाटी मेरे मानस पटल पर छाई हुई है। महाराणा प्रताप...
तनोट माता मंदिर एवं काले डूंगर मंदिर – जैसलमेर के देवी मंदिर
भौतिक रूप से जैसलमेर अपने सुनहरे दुर्ग, भुतहा गाँवों तथा बालू के टीलों के लिए जाना जाता है। किन्तु यदि इस क्षेत्र के आध्यात्मिक...
थार मरुस्थल का चूरू – रंगों की छटा बिखेरता शेखावाटी नगर
चूरू राजस्थान का एक छोटा सा नगर है जो हरियाणा सीमा पर स्थित है। बीकानेर के निकट स्थित चूरू थार मरुभूमि में एक रमणीय...
मंडावा एवं फतेहपुर – शेखावाटी पर्यटन केंद्र के आकर्षण
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का सर्वाधिक लोकप्रिय नगर है, मंडावा। विश्व भर से आये पर्यटकों की चहल-पहल से भरा यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल...
नवलगढ़ की पोद्दार हवेली एवं अन्य दर्शनीय स्थल
नवलगढ़ वह प्रथम शेखावटी नगरी है जिसके मैंने दर्शन किए थे। पुष्कर से झुंझुनू के निकट स्थित बागड़ जाते समय नवलगढ़ मेरा प्रथम पड़ाव...






















