हैदराबाद के चिलकुर बालाजी मंदिर – वीसा दिलवाने वाले भगवान
चिलकुर बालाजी का शाब्दिक अर्थ है छोटे बालाजी। चिलकुर बालाजी मंदिर हैदराबाद तथा उसके आसपास के क्षेत्रों का सर्वाधिक प्रसिद्ध मंदिर है। यह इच्छा-पूर्ति मंदिर के नाम से भी प्रसिद्ध है। यहाँ के भक्तों...
योगमाया मंदिर – महरौली स्थित दिल्ली का शक्ति पीठ
महरौली में स्थित योगमाया मंदिर संभवतः दिल्ली का प्राचीनतम जीवंत मंदिर है। यह मंदिर प्रसिद्ध कुतुब मीनार संकुल के ठीक पृष्ठभाग में स्थित है।
महरौली स्वयं भी दिल्ली के प्राचीनतम आवासीय क्षेत्रों में से एक...
भारत के भारत माता मंदिर – भारत माता की गौरव गाथा
भारत में भारत माता के मंदिरों की संख्या गिनती के हैं तथा सभी अपेक्षाकृत नवीन हैं। किन्तु भारतीय इतिहास एवं सांस्कृति में उनकी जड़ें अत्यंत गहरी हैं।
भारती शब्द का आरंभिक संदर्भ ऋगवेद के आप्री...
कोची का चोट्टानिकारा देवी मंदिर जहां मानसिक विकारों से मुक्ति मिले
केरल भगवती अर्थात भद्रकाली की भूमि है। गत वर्ष मुझे भद्रकाली देवी के विषय में ज्ञात हुआ था जब मुझे पदयनी तथा कलमेड्तुम जैसे केरल के प्रसिद्ध अनुष्ठानों के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त हुआ...
गुजरात में श्री कृष्ण की स्वर्णिम द्वारका नगरी के १५ अद्भुत पर्यटक स्थल
द्वारका नगरी से कदाचित ही कोई अनभिज्ञ होगा। यह एक प्राचीन नगरी है जो पौराणिक कथाओं से परिपूर्ण है। द्वारका में आप जहां भी जाएँ, ये सब कथाएं आपके समक्ष पुनः पुनः सजीव होती...
हीरापुर ओडिशा का चौसठ योगिनी मंदिर ९ वीं. सदी का अद्भुत माणिक्य
सभी चौसठ योगिनी मंदिर अत्यंत ही अनोखे एवं अद्भुत मंदिर हैं। बिना छत की गोलाकार संरचना व उन पर उत्कीर्णित योगिनियों की अद्भुत प्रतिमाएं इन्हे अद्वितीय व असाधारण बनाती हैं। मंदिर की इन विशेषताओं...
शेखावाटी हवेलियाँ और उनके भित्तिचित्र – राजस्थान की मुक्तांगण दीर्घा
राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र विश्व के विशालतम मुक्तांगण संग्रहालय के रूप में अत्यंत लोकप्रिय है। यहाँ की रंग-बिरंगी शेखावाटी हवेलियाँ अपनी उज्ज्वल एवं जीवंत चित्रकारी के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। इस क्षेत्र के अधिकतर नगर...
गोवा का भुतहा होता कुर्डी गाँव जो साल में ११ महीने जलमग्न रहता है
कुर्डी गाँव सन १९८३ तक एक जीता जागता गाँव था। तब से यह एक भूतिया गाँव बन के रह गया है। यह गाँव गोवा के सालावली बाँध के जल में वर्ष के लगभग ११...
विंध्याचल मीरजापुर के निकट माँ विंध्यवासिनी का पर्वतीय आवास
विंध्यवासिनी देवी का सीधा साधा सा अर्थ है विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली देवी । विंध्याचल पर्वत श्रंखला भारत के सम्पूर्ण मध्य भाग में फैली हुई है। बिहार जैसे पूर्वी राज्यों से आरंभ...
नमस्ते! जानिये अभिवादन के २० से अधिक प्रकार चौंक गये?
नमस्ते!
इस संस्करण के आरम्भ का इससे उत्तम साधन और क्या हो सकता है!
किसी भी स्थान में सर्वप्रथम जो आप सीखते हैं, वह है उस स्थान के अभिवादन की शैली। किसी भी स्थान में पहुँचने...






















