हिमाचल एवं स्पीति घाटी – १५ दिवसीय रोमांचक सड़क यात्रा
भारत के इस हिमालयी राज्य की घाटियों की अद्भुत सुन्दरता को निहारने के लिए हिमाचल एवं स्पीति घाटी की एक लम्बी सड़क यात्रा से बेहतर उपाय अन्य नहीं हो सकता। धरती के सर्वाधिक जोखिम...
नंदनकानन प्राणी उद्यान -भुवनेश्वर एक प्राकृतिक चिड़ियाघर
नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क अथवा नंदनकानन प्राणी उद्यान, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भ्रमण करने आए पर्यटकों का एक लोकप्रिय गंतव्य! यह उद्यान भुवनेश्वर के लोगों का भी अत्यंत प्रिय भ्रमण स्थल है। स्थानीय भाषा,...
जल शक्ति – जल संसाधनों के प्रति श्रद्धा को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास
हमारे पूर्वजों ने सदैव हमसे यही कहा है कि प्यासे को जल पिलाने से तत्काल पुण्य की प्राप्ति होती है। सम्पूर्ण भारत में हम कहीं भी जाएँ, हमें इस परंपरा का जीवंत उदहारण दृष्टिगोचर...
फूल बंगला प्रथा ब्रज के मंदिरों का ग्रीष्मकालीन उत्सव
मानवी चेतना के आरंभ से मनुष्य प्रकृति के विभिन्न रूपों की आराधना करता आ रहा है। मनुष्य ने अपनी कल्पना में प्रकृति के अनेक दैवी रूपों को प्रकट किया है। देव सदृश प्रकृति की...
चेरियल चित्रकारी – तेलंगाना के चेरियल गाँव की विशेष सौगात
कलमकारी कला कौशल के पश्चात कदाचित चेरियल चित्रकारी ही आंध्र क्षेत्र की सर्वोत्तम कला देन है। आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में, जो अब स्वयं एक राज्य है, चेरियल नामक एक गाँव है। हैदराबाद...
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का इतिहास, धरोहर एवं जीवन
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उन प्रसिद्ध बाघों के लिए अत्यंत लोकप्रिय है जो अधिकतर पर्यटकों को अपने अद्वितीय दर्शन देकर तृप्त कर देते हैं। यद्यपि राष्ट्रीय उद्यान अथवा वन्यजीव उद्यान का नाम सुनते ही मन...
आधुनिक दिल्ली के प्राचीन मंदिर जो आज भी जीवंत हैं
दिल्ली! विश्व के प्राचीनतम जीवंत नगरों में से एक! महाभारत के पांडवों की राजधानी इन्द्रप्रस्थ के रूप में इसकी स्थापना की गयी थी। इसने अपने जीवनकाल में अनेक सम्राटों व उनके साम्राज्यों को देखा...
होलोंग – जलदापारा राष्ट्रीय उद्यान का जैव विविधता अतिक्षेत्र
जलदापारा राष्ट्रीय उद्यान को स्थानीय भाषा में दुआर कहते हैं। इस दुआर का एक छोटा सा कोना है, होलोंग। यह भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में उस स्थान पर स्थित है जिसे मुर्गी का गला...
हिमाचल प्रदेश का धनकर मठ और स्पीति घाटी का गढ़ एवं गाँव
धनकर मठ पिन नदी के किनारे, एक खड़ी चट्टान की सतह पर निर्मित एक गोम्पा है। इसे देख ऐसा प्रतीत होता है मानो यह गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे रहा है। मुझे अब भी स्मरण...
पूर्व-पुर्तगाली गोवा पर श्री प्रजल साखरदांडे से एक चर्चा
अनुराधा – डीटूर्स में आज हमारे साथ चर्चा कर रहे हैं, प्रा. प्रजल साखरदांडे। प्रा. प्रजल साखरदांडे गोवा के धेम्पे कला एवं विज्ञान विद्यालय में इतिहास के प्राध्यापक हैं। वे “Goa Heritage Action Group”...






















