द्वारकाधीश मंदिर का वास्तुशिल्प- विलक्षण द्वारका की अद्भुत धरोहर
वो कहते हैं ना की द्वारका के सभी रास्ते द्वारकाधीश मंदिर की ओर जाते हैं। यह बांका ऊँचा मंदिर भारत के सुदूर पश्चिमी छोर...
बेट द्वारका महाभारत की स्वर्णिम नगरी के दर्शनीय स्थल
कुछ दिनों पूर्व मुझे गुजरात के द्वारका की यात्रा का अनमोल अवसर प्राप्त हुआ था। मैंने इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाने का निश्चय...
तांबेकर वाड़ा – जहाँ पर दीवारें कहानियाँ सुनाती हैं, वडोदरा
तांबेकर वाड़ा – भित्तिचित्र
एक जमाने में हमारे घर की दीवारें हमारी चित्रकारी की कार्यशालाएं हुआ करती थीं, जो हमारी बेशकीमती संपत्ति थी। जो...
लोथल – सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेषों का अवलोकन
लोथल उस भारत का चिन्ह है जिस काल में भारतीय उपमहाद्वीप में बहती सरस्वती नदी के किनारे पर मानव जीवन का वास हुआ करता...
सहस्त्रलिंग तलाव – एक प्राचीन विरासत, पाटण गुजरात
मंत्रमुग्ध कर देनेवाली रानी की वाव के ठीक पीछे सहस्त्रलिंग तलाव स्थित है। अगर आज भी यह संरचना अपने पूर्ण स्वरूप में होती तो...
ऐतिहासिक पावागढ़ पहाड़ी – गुजरात की यूनेस्को विश्व धरोहर
चंपानेर एवं पावागढ़ पहाड़ी, ये दो शब्द मैंने सदैव एक साथ सुने थे। भारत में यूनेस्को द्वारा घोषित बहुत कम विश्व धरोहर स्थल बचे...
मोढेरा सूर्य मंदिर – अद्वितीय वास्तुशिल्प का उदाहरण
जी हाँ! भारत में दो विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर हैं। एक है देश के पूर्वी छोर पर उड़ीसा राज्य में स्थित प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य...
रानी की वाव – पाटन गुजरात का विश्व धरोहर का स्थल
रानी की वाव सात मंजिला बावड़ी है जो भीतर से उत्कीर्णन और भारतीय शिल्पकला से पूर्ण रूप से अलंकृत है। यह बावड़ी एक रानी...
सत्याग्रह आश्रम, कोचरब, अहमदाबाद – जहाँ गाँधी जी महात्मा बने
यूँ तो हम सभी जानते हैं कि महात्मा गाँधी का जन्म पोरबंदर में हुआ था। लेकिन कोचरब - अहमदाबाद में एक महात्मा का जन्म...
मोढेरा का सूर्य मंदिर
मोढेरा का सूर्य मंदिर
कर्क रेखा पे
अपने ईष्ट देव की और
मुहँ बाये कमल पट्ट पे खड़ा
मोढेरा का सूर्य मंदिर
पुष्कारणी में माला से
गूँथे हैं छोटे बड़े...






















