वैशाली – भगवान महावीर का जन्मस्थान – बिहार के ऐतिहासिक स्थल
वैशाली की पहली छवि जो मेरे मन में बनी थी वह आचार्य चतुरसेन के उपन्यास ‘वैशाली की नगरवधू’ द्वारा थी। इसमें वर्णित विलासिता और...
मोढेरा सूर्य मंदिर – अद्वितीय वास्तुशिल्प का उदाहरण
जी हाँ! भारत में दो विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर हैं। एक है देश के पूर्वी छोर पर उड़ीसा राज्य में स्थित प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य...
मेघालय के शिलांग शहर में क्या क्या पर्यटक स्थल देखें
मेघालय – अर्थात मेघों का आलय। यह क्षेत्र हमेशा बादलों से आवृत्त रहता है। यहां पर एक भी पल ऐसा नहीं था, जब हमने...
कुमाऊँ घाटी की रहस्यमयी झीलें- भीमताल, सातताल, नौकुचिया ताल
उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में बसा नैनीताल, यात्रियों का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। हिमालय पर चमचमाते माणिक की तरह चमकता यह शहर देशी...
मूडबिद्री – कर्नाटक के उत्कृष्ट प्राचीन जैन मंदिर
आप सब ने कर्नाटक के श्रवनबेलगोला स्थित विशालकाय बाहुबली मूर्ति के सम्बन्ध में अवश्य सुना होगा। आप में से कुछ को इनके दर्शन का...
बराबर गुफाएँ – भारत की सबसे प्राचीन गुफाएँ – बिहार का ऐतिहासिक स्थल
बिहार की मेरी प्रथम यात्रा के रूप में मुझे बराबर गुफाएँ देखने का मौका मिला। चट्टानों को काटकर बनाई गयी गुफाएँ भारत भर की...
राजगीर – बौद्ध परिषदों का मेजबान – बिहार के ऐतिहासिक स्थल
राजगीर या राजगृह, जैसे कि यह जगह अपने अच्छे दिनों में जानी जाती थी, मगध महाजनपद की सबसे पहली राजधानी हुआ करती थी, जो...
कोलकाता के उपहार – बंगाल के १० सर्वोत्तम स्मृतिचिन्ह
कोलकाता के स्मृतिचिन्ह से मुझे पुराने चलचित्रों का स्मरण हो आया जहां नायक अथवा नायक के पिता को कई बार कोलकाता जाते दिखाया जाता...
नालंदा – विद्या का प्राचीनतम केंद्र, बिहार स्थित विश्व धरोहर
बिहार की यात्रा करने के पीछे मेरा प्रमुख उद्देश था - बोध गया और नालंदा के दर्शन करना। नालंदा विश्व का सबसे प्राचीन और...
मुक्तेश्वर धाम – कुमाऊँ पहाड़ों के न भूलने वाले दृश्य
उत्तरांचल को देवभूमि कहा जाता है। सच मानिये इसमें किंचित भी आतिशयोक्ति नहीं। कुमाऊं व गढ़वाल मंडलों में बंटी, हिमालय पर्वत श्रन्खलाओं से घिरी,...






















