विभूति झरना, याना शिलाएं, मिर्जन दुर्ग- उत्तर कन्नड़ में सड़क यात्रा
उत्तर कन्नड़ भ्रमण के समय सिरसी से गोकर्ण की यात्रा करते हुए अधिकतर पर्यटक गोकर्ण के समुद्र तटों का आनंद उठाने हेतु इच्छुक रहते हैं। क्यों ना हों! गोकर्ण के समुद्र तट हैं ही...
पुष्कर का ब्रम्हा मंदिर: भारत का एक प्राचीन तीर्थ स्थल
पुष्कर एक प्राचीन तीर्थ स्थल है जिसका उल्लेख भारतीय शास्त्रों के अनेक पौराणिक कथाओं में पाया जाता है। लोग तुरंत इसका संबंध सम्पूर्ण विश्व के इकलौते ब्रम्हा मंदिर की मिथ्या से जोड़ देते हैं।...
केरल की सर्प नौका दौड़ – अप्रवाही जल पर गति का तांडव
केरल की सर्प नौका दौड़ अर्थात स्नैक बोट रेस के विषय में मेरी प्रथम स्मृति मेरी पाठ्यक्रम पुस्तक से जुड़ी हुई है। मुझे स्मरण है, मैंने अपनी पुस्तक में सर्प के समान एक लंबी...
चलिए मथुरा वृन्दावन में ब्रज की होली का आनंद लेने
होली का पर्व भारत का सर्वाधिक उल्हासपूर्ण पर्व है। इसी होली के आनंददायक पर्व का यदि आप कहीं पारंपरिक रूप से अनुभव लेना चाहते हैं तो वह स्थान है, ब्रज भूमि अथवा मथुरा वृन्दावन...
मध्य प्रदेश के भील जनजाती का भगोरिया उत्सव
जब मुझे भगोरिया उत्सव में भाग लेने के लिये झाबुआ जाने का निमंत्रण मिला, मुझे इस उत्सव के विषय में तनिक भी जानकारी नहीं थी। ना ही झाबुआ के अस्तित्व के विषय में कोई...
कनखल हरिद्वार की प्राचीन धरोहर – एक अप्रतिम अनुभव
कनखल कदाचित हरिद्वार का प्राचीनतम निवासित क्षेत्र है। यहाँ के मंदिरों एवं गंगा के घाटों पर अब भी शिव एवं सती की गाथाएँ जीवित हैं। मेरी हरिद्वार यात्रा के समय, हरिद्वार की इस प्राचीन...
महात्मा गाँधी स्मारक – भारत भर में फैले उनके घर, आश्रम, कारावास
कल्पना कीजिए यदि महात्मा गाँधी स्वयं आपको अपने जीवन के महत्वपूर्ण स्थानों पर ले जाना चाहें तो वे आपको कहाँ कहाँ ले जाएंगे? महात्मा गाँधी ने अपने जीवनकाल में अनेक यात्राएं की थी। आज...
लद्दाख के स्पितुक बौद्ध मठ का रहस्यमयी चाम नृत्य
बौद्ध चाम नृत्य एक आनुष्ठानिक नृत्य है। हिमालयीन क्षेत्रों, विशेषतः लद्दाख के विभिन्न बौद्ध मठों में इस उत्सव का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक मठ अपने पञ्चांग के अनुसार भिन्न भिन्न दिवसों में इस...
गोवा कानकोण के मल्लिकार्जुन मंदिर का अनोखा शीर्षा रान्नी उत्सव
गोवा का मल्लिकार्जुन मंदिर, गोवा राज्य के दक्षिणतम जिले, कानकोण में स्थित है। यह लगभग गोवा एवं कर्नाटक की सीमा पर स्थित है। गोवा के अन्य मंदिरों के समान यह मंदिर भी अपने आप...
चुनरी मनोरथ – मथुरा में यमुना जी का चुनरी ओढ़ना
श्री कृष्ण के काल को बहुधा इन तीन धरोहरों से जोड़ा जाता है, गोवर्धन पर्वत, ब्रज भूमि तथा यमुना नदी।
यमुना नदी का श्याम वर्ण जल कृष्ण के श्याम वर्ण के समान है। यमुना उनकी...






















