अहमदाबाद धरोहर यात्रा – प्राचीन नगर से एक परिचय
दिल्ली और हैदराबाद की तरह अहमदाबाद में भी एक प्राचीन नगर बसा हुआ है, जो आज भी पुरातन काल के उसी दौर में जी रहा है। ये प्राचीन जगहें आपको वापिस पुराने जमाने में...
गोवा के उत्सव – वर्ष भर मनाये जाने वाले उत्सवों की यात्रा निर्देशिका
गोवा उत्सवों का देश है। एक ओर गणेश चतुर्थी, दिवाली तथा क्रिसमस जैसे उत्सव हैं जो भारत के अन्य स्थानों के सामान गोवा में भी मनाये जाते हैं। दूसरी ओर कई ऐसे अनोखे उत्सव...
मत्तूर – कर्नाटक के शिवमोग्गा का संस्कृत भाषी गाँव
जब से मैंने सुना कि मत्तूर गाँव का बच्चा बच्चा संस्कृत में वार्तालाप करता है, मैं इस गाँव को देखने के लिए आतुर थी। मन में उत्सुकता जागृत हो गयी, प्राचीन काल में जो...
मणिकरण साहिब और कुल्लू मनाली में स्थित पार्वती घाटी के रहस्य
हमारे 18 दिनों के लंबे हिमाचल भ्रमण के अंतिम दिन हम मणिकरण साहिब के दर्शन करने चले। घर वापस जाने से पहले हम आभार प्रकट करने के रूप में मणिकरण साहिब के दर्शन लेना...
प्रयागराज के अनमोल धरोहरों का दर्शन- एक पदभ्रमण
प्रयागराज, जिसे कुछ समय के लिए इलाहाबाद भी कहा जाता था, एक छोटा किन्तु अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है। भारत के तीन प्रधानमंत्री प्रयागराज नगर के निवासी थे जिनमें दो का जन्म भी प्रयागराज में...
बुरहानपुर – जहां कभी ताज महल बनवाया जाने वाला था!
बुरहानपुर – इस नगर को मैं केवल इसलिए जानती थी कि यहाँ शाहजहाँ की पत्नी मुमताज महल की मृत्यु हुई थी। वही मुमताज महल जिनकी स्मृति में ताज महल बनवाया गया था। अपनी १४वी.संतान...
पदयनी – केरल में माँ भगवती को प्रसन्न करने का अनोखा अनुष्ठान
पदयनी केरल के देवी मंदिरों का एक अनुष्ठान है। पदयनी शब्द की व्युत्पत्ति पेदनी से हुई है जिसका अर्थ है, सेना अथवा सैन्य संरचना। आप सोच रहे होंगे कि क्या यह उत्सव युद्ध के...
श्रृंगेरी – शारदा पीठम के आसपास की देवनगरी
श्रृंगेरी, अर्थात ऋषिश्रृंग गिरी। श्रृंगेरी को यह नाम ऋषि विभाण्डक के सुपुत्र ऋषि श्रृंगी से प्राप्त हुआ है। गिरी का अर्थ है पर्वत। अर्थात् श्रृंगेरी शब्द की व्युत्पत्ती एवं इसका इतिहास ऋषि-मुनियों के काल...
दिल्ली श्रीनगर लेह सड़क यात्रा – जहां मार्ग ही लक्ष्य बन जाता है!
सम्पूर्ण विश्व में ऐसे पर्यटकों की संख्या बहुत अधिक है जिन्हें सड़क यात्रा द्वारा पर्यटन के रोमांच का अनुभव करना अत्यधिक प्रिय है। ऐसे यात्रियों की संख्या अब भारत में भी तेजी से बढ़...
पोरबंदर- सुदामा व गांधी की जन्मस्थली
पोरबंदर – यह शब्द मेरे कानों में सर्वप्रथम तब पड़ा जब प्राथमिक शाला में हमें महात्मा गांधी पर निबंध लिखने कहा गया था। पोरबंदर की तो छोड़िये, चंडीगड़ में पढ़ रही मुझ जैसी नन्ही...






















